खेती का गेमचेंजर प्लान! पंजाब में बनेगा हाई-टेक हॉर्टिकल्चर सेंटर, नीदरलैंड मॉडल से बदलेगी खेती की दिशा
पंजाब में खेती को पारंपरिक ढर्रे से निकालकर आधुनिक, टिकाऊ और ज्यादा मुनाफे वाली बनाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नीदरलैंड दौरे के दौरान यह बड़ा फैसला सामने आया कि राज्य में एक विश्वस्तरीय हॉर्टिकल्चर एक्सपीरियंस और लर्निंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर के जरिए किसानों को नई तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रणाली और वैश्विक स्तर की खेती के मॉडल से जोड़ा जाएगा, जिससे खेती में विविधता आएगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नीदरलैंड से सीखा आधुनिक खेती का मॉडल
मुख्यमंत्री ने नीदरलैंड के वेस्टलैंड स्थित वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर और लिसे के प्रसिद्ध क्यूकेनहॉफ का दौरा किया, जहां उन्होंने आधुनिक ग्रीनहाउस खेती, फ्लोरीकल्चर और टिकाऊ कृषि के मॉडल को करीब से समझा। यहां तकनीक, रिसर्च और उद्योग के तालमेल से खेती को बेहद उत्पादक और लाभकारी बनाया गया है। इस अनुभव के आधार पर पंजाब में भी ऐसा ही सेंटर बनाने की योजना है, जो किसानों, शोध संस्थानों और उद्योग को एक साथ जोड़कर नवाचार को बढ़ावा देगा।
तकनीक से बढ़ेगी पैदावार, घटेगी लागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीनहाउस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से खेती में पानी की बचत, कीटनाशकों में कमी और उत्पादन में बढ़ोतरी संभव है। इसके अलावा वर्षा जल संचयन, सिंचाई के पानी का पुन: उपयोग और नियंत्रित पोषक तत्व प्रबंधन जैसे उपाय खेती को जलवायु के अनुकूल बना सकते हैं। यह मॉडल पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगा और धान-गेहूं के चक्र से किसानों को बाहर निकालने में मदद करेगा।
फ्लोरीकल्चर और एग्री-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
क्यूकेनहॉफ जैसे मॉडल से प्रेरणा लेते हुए पंजाब में फ्लोरीकल्चर क्लस्टर और कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है। यहां हर साल लाखों फूलों का उत्पादन, पर्यटन और निर्यात एक साथ होता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रयास पंजाब को हाई-वैल्यू और टेक्नोलॉजी आधारित खेती की ओर ले जाएंगे और राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बनाएंगे