50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को मिलेंगे खरीफ बीज, इस राज्य में पंजीकरण शुरू; धान समेत कई फसलों के लिए सरकार ने तय किया लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। प्रदेश में किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग ने पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है और किसानों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना है, ताकि खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़ाया जा सके। खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना लागू की जा रही है। कृषि विभाग के मुताबिक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 31 मई तक सभी बिक्री केंद्रों पर बीज पहुंचा दिया जाए, ताकि किसानों को खरीफ बुवाई के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
धान समेत कई फसलों के लिए तय किए गए लक्ष्य
खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों के लिए सरकार ने अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं। धान के लिए 80 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 64,228 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि 2,634 क्विंटल बीज का वितरण भी हो चुका है। इसके अलावा मूंगफली के लिए 57,446 क्विंटल, उड़द के लिए 23,958 क्विंटल और अरहर के लिए 21,225 क्विंटल बीज का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बार प्रदेश में कुल 1,96,117 क्विंटल धान, उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का फोकस किसानों को बुवाई से पहले ही बीज उपलब्ध कराने पर है।
आधी कीमत पर मिलेंगे प्रमाणित बीज
सरकार ने योजना बनाई है कि किसानों को बेहतरीन गुणवत्ता वाले बीज 50 प्रतिशत सब्सिडी पर दिए जाएंगे। इससे किसानों को महंगे बीज खरीदने की जरूरत कम होगी और खेती की शुरुआती लागत घटेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमाणित बीजों के इस्तेमाल से फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों बेहतर होती हैं। साथ ही किसानों को नई खेती तकनीक और उर्वरकों के सही उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी।
ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, ताकि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले बीज वितरण प्रक्रिया पूरी की जा सके।