यूपी में गन्ना सर्वे शुरू, किसानों की हर फसल का होगा रिकॉर्ड; 24 घंटे मदद के लिए जारी हुआ टोल फ्री नंबर

Gaon Connection | May 13, 2026, 18:38 IST
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए नई नीति आई है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह सर्वेक्षण 30 जून 2026 तक चलेगा। इसे पहले से अधिक पारदर्शी और तकनीकी बनाया जाएगा। खेत में मौजूद गन्ने की किस्मों का सही रिकॉर्ड रखा जाएगा। सहफसली खेती और एग्रो फॉरेस्ट्री का भी सर्वे होगा।
गन्ना किसानों के लिए बड़ा अपडेट

उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए नई गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी कर दी है। गन्ना एवं चीनी आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार प्रदेश में गन्ना सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो चुका है और यह 30 जून 2026 तक चलेगा। सरकार का कहना है कि इस बार गन्ना सर्वेक्षण को पहले से ज्यादा पारदर्शी, वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा।



खेत में मौजूद वास्तविक गन्ना किस्म का ही होगा रिकॉर्ड

विभाग ने जनपद और क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण के दौरान खेत में मौजूद वास्तविक गन्ना किस्म का ही सही-सही अंकन किया जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि किसानों के खेतों में बोई गई वास्तविक किस्मों के अनुरूप ही विभागीय रिकॉर्ड और अभिलेख तैयार किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी या विवाद की स्थिति न बने। विभाग ने किस्मों के अंकन को बेहद सावधानी से करने के निर्देश दिए हैं।



अब सहफसली खेती और एग्रो फॉरेस्ट्री का भी होगा सर्वे

सरकार ने इस बार गन्ना सर्वे को सिर्फ गन्ने के क्षेत्रफल तक सीमित नहीं रखा है। अब सर्वे में किसानों द्वारा की जा रही सहफसली खेती यानी इंटरक्रॉपिंग का पूरा विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही एग्रो फॉरेस्ट्री और फार्म फॉरेस्ट्री के तहत की गई खेती की जानकारी भी सर्वे का हिस्सा होगी। विभाग का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने वाली खेती प्रणालियों का वास्तविक आकलन संभव हो सकेगा और भविष्य की योजनाएं बेहतर तरीके से बनाई जा सकेंगी।



मशीनों से गन्ना कटाई को मिलेगा बढ़ावा

प्रेस नोट में कहा गया है कि ट्रेंच और पेयर्ड रो विधि से की गई गन्ना बुवाई के आंकड़ों को भी विशेष रूप से दर्ज किया जाएगा। विभाग के मुताबिक इससे मशीनों से गन्ना कटाई यानी मैकेनिकल हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। विभाग का कहना है कि सर्वेक्षण के जरिए गन्ना उत्पादन का वास्तविक आकलन करना आसान होगा।



किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मिलेगी मदद

गन्ना विकास विभाग का कहना है कि सटीक और पारदर्शी सर्वेक्षण से नीति निर्माण में मदद मिलेगी और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना और गन्ना किसानों को विविधीकृत खेती के लिए प्रोत्साहित करना बताया गया है।



किसानों के लिए 24 घंटे टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू

किसानों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभाग ने मुख्यालय स्तर पर 24 घंटे चलने वाला टोल फ्री किसान कॉल सेंटर भी शुरू किया है। किसान गन्ना सर्वेक्षण से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए 1800-121-3203 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण के दौरान सही जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह सटीक तैयार किया जा सके।

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