गेहूं खरीद में सरकार लक्ष्य के करीब, 13% बढ़ी सरकारी खरीद; इस प्रदेश ने मारी सबसे बड़ी छलांग

Gaon Connection | May 23, 2026, 15:09 IST
Image credit : PTI
गेहूं खरीद का सीजन अंतिम चरण में है। सरकारी एजेंसियों ने 3.339 करोड़ टन गेहूं खरीदा है, जो पिछले साल से अधिक है। बेमौसम बारिश से गुणवत्ता प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने नियमों में ढील दी। पंजाब में खरीद लगभग पूरी हो गई है। हरियाणा ने लक्ष्य से ज्यादा खरीद की। मध्य प्रदेश में खरीद में तेजी आई है।
गेहूं खरीद में नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

देश में गेहूं खरीद का मौजूदा सीजन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है और केंद्र सरकार लगभग अपने लक्ष्य के करीब पहुंच गई है। 21 मई तक सरकारी एजेंसियों ने 3.339 करोड़ टन (33.39 मिलियन टन) गेहूं की खरीद कर ली है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 13 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 2.964 करोड़ टन गेहूं खरीदा गया था। सरकार ने इस बार रिकॉर्ड उत्पादन के अनुमान को देखते हुए 3.45 करोड़ टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया था।



रिकॉर्ड उत्पादन के बीच बढ़ा खरीद लक्ष्य

सरकार के अनुसार इस वर्ष देश में गेहूं उत्पादन 12.021 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के मुकाबले अधिक है। इसी वजह से खरीद लक्ष्य भी बढ़ाया गया। पिछले साल सरकार ने कुल 3 करोड़ टन गेहूं खरीदा था, जबकि इस बार लक्ष्य 3.45 करोड़ टन रखा गया है।



पंजाब में लगभग पूरा हुआ लक्ष्य

पंजाब में सरकारी खरीद लगभग पूरी हो चुकी है। राज्य से अब तक 1.216 करोड़ टन गेहूं खरीदा गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1.192 करोड़ टन था। हालांकि इस बार पंजाब में बड़ी मात्रा में गेहूं “रिलैक्स्ड क्वालिटी” श्रेणी के तहत खरीदा गया। मार्च-अप्रैल में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई जिलों में गेहूं की चमक प्रभावित हुई थी, जिसके चलते गुणवत्ता मानकों में ढील दी गई।



हरियाणा ने लक्ष्य से ज्यादा खरीद की

हरियाणा में 15 मई तक खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई। यहां सरकार ने 81.2 लाख टन गेहूं खरीदा, जो 72 लाख टन के लक्ष्य से ज्यादा है। पिछले साल हरियाणा से 71.4 लाख टन गेहूं खरीदा गया था।



मध्य प्रदेश में 22% बढ़ी खरीद

इस सीजन में सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश की खरीद को लेकर रही। राज्य में अब तक 95 लाख टन गेहूं खरीदा गया है, जो पिछले साल के 78 लाख टन के मुकाबले करीब 22 प्रतिशत ज्यादा है। शुरुआत में खरीद की रफ्तार काफी धीमी थी। अधिकारियों ने इसकी वजह खरीद केंद्रों की तैयारी में कमी, बोरी की कमी और एजेंसियों की सुस्ती को बताया था। लेकिन विपक्ष और किसान संगठनों के लगातार दबाव के बाद खरीद में तेजी लाई गई। केंद्र सरकार ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश का खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 1 करोड़ टन कर दिया था।



यूपी, राजस्थान और बिहार में भी बढ़ी खरीद

उत्तर प्रदेश में अब तक 14.8 लाख टन गेहूं खरीदा गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 10.2 लाख टन था। राजस्थान में खरीद बढ़कर 20.3 लाख टन पहुंच गई है, जो पिछले साल 18.1 लाख टन थी। बिहार में खरीद में सबसे ज्यादा प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। यहां अब तक 33,295 टन गेहूं खरीदा गया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 89 प्रतिशत ज्यादा है।



सरकार ने इन राज्यों के खरीद लक्ष्य भी बढ़ाए हैं:



  • उत्तर प्रदेश: 10 लाख टन से बढ़ाकर 25 लाख टन
  • राजस्थान: 21 लाख टन से बढ़ाकर 23.5 लाख टन
  • बिहार: 18 हजार टन से बढ़ाकर 1.8 लाख टन

बेमौसम बारिश से प्रभावित हुई गुणवत्ता

मार्च और अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का असर गेहूं की गुणवत्ता पर पड़ा। कई जगहों पर नमी बढ़ने, दानों के सिकुड़ने और चमक कम होने जैसी समस्याएं सामने आईं। इसी वजह से बड़ी मात्रा में गेहूं निर्धारित गुणवत्ता मानकों से बाहर चला गया था। बाद में सरकार ने गुणवत्ता नियमों में ढील देकर खरीद जारी रखने का फैसला लिया।



किसानों को राहत, सरकारी भंडार भी मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बढ़ी सरकारी खरीद से एक तरफ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिला है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी भंडार भी मजबूत होगा। इससे आने वाले महीनों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा योजनाओं के लिए पर्याप्त गेहूं उपलब्ध रहने की उम्मीद है।

Tags:
  • Wheat Procurement
  • MSP Wheat Purchase
  • India Wheat Production
  • Punjab Wheat Procurement
  • Madhya Pradesh Wheat
  • Haryana Wheat Purchase
  • Food Corporation of India
  • Wheat MSP 2026
  • Kharif Crop News
  • Indian Agriculture