Read latest updates about "महफ़िल" - Page 1

  • बापू और नेहरू भी थे जिनकी गायकी के दीवाने

    एमएस के नाम से मशहूर ये वही सुब्बुलक्ष्मी हैं, जिनके बारे में कभी पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि संगीत की महारानी के सामने मैं क्या हूं? महज एक प्रधानमंत्री? महात्मा गांधी ने कहा था कि मेरी पसंद का भजन वो सिर्फ पढ़ दें, तो मेरे लिए वो किसी और गायक या गायिका के गाने से बेहतर होगा।नई दिल्ली।...

  • शायर जमाल एहसानी की पांच नज़्म

    पाकिस्तान में उर्दू साहित्य के छात्रों के पसंदीदा शायर कहे जाने वाले जमाल एहसानी का जन्म 21 अप्रैल 1951 को सरगोधा, पाकिस्तान में हुआ था। उन्होंने शायरियों की तीन किताबें लिखी हैं। उनकी मौत के बाद उनकी सारी नज़्में कुल्लियत -ए - जमाल नामक किताब में छपीं। 10 फरवरी 1998 को 47 वर्ष की उम्र में उनकी मौत...

  • किस्सागोई : फर्श पर सोने से लेकर मर्सिडीज तक का सफर तय करने वाले गायक की कहानी

    अमर चित्रकार और मूर्तिकार लियोनार्डो द विंची की राय में सरल होना सबसे बड़ी खासियत होती है। बॉलीवुड में एक ऐसे गायक थे जिनकी इसी खासियत की बदौलत उन्हें करोड़ों चाहने वाले मिले। उनके गाने सुनिए आपको लगेगा कि ऐसा तो मैं भी गा सकता हूं। भारतरत्न लता मंगेशकर उन्हें भाई मानती थीं। इसके अलावा उनके चाहने...

  • प्रेमचंद की कहानी ईदगाह, नाज़ुक कहानी जो खूबसूरत नर्म अहसास को समेटे हुए है... सुनिए

    'ईदगाह' भारत के महान कहानीकार मुंशी प्रेमचंद की एक कहानी का किरदार है। एक कम उम्र का लड़का जिसके मां-बाप की मौत हो चुकी है, अपनी दादी के पास रहता है। संघर्षों से पलते हुए, वो अपनी बचपन की ख्वाहिशों के बावजूद अपनी दादी का ख्याल रखता है और ईद के रोज़ ईदगाह से लौटते हुए, जब सब बच्चे अपने लिए खिलौने...

  • महाराणा प्रताप : राणा प्रताप के घोड़े से¸ पड़ गया हवा को पाला था

    लखनऊ। मुगलिया सल्तनत से मरते दम तक टक्कर लेने वाले राजपूत आन बान और शान के ध्वजा वाहक महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के कुम्भलगढ़ में महाराणा उदयसिंह के घर हुआ था।महाराणा प्रताप के बारे में कुछ ऐसे बातें हैं, जिनके बार एक बारगी लोगों का विश्वास करना मुश्किल होगा, लेकिन वो सच है। जैसे उनके भाले का...

  • सफ़दर हाशमी , वो जिसे सच कहने पर सज़ा ए मौत मिली

    सफ़दर हाशमी का नाम यूं तो नुक्कड़ नाटक की कला से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन हक़ीकत तो ये है कि वो न सिर्फ नाटककार बल्कि निर्देशक, लेखक और गीतकार भी थे। 12 अप्रैल 1954 को सफदर का दिल्ली में पैदा हुए सफदर हाशमी की शुरुआती ज़िंदगी अलीगढ़ में गुज़री और बाद में वो दिल्ली आ गए।उनके घर का माहौल हमेशा से...

  • वो सिनेमाई गांव जो यादों में हमेशा रहेंगे  

    हिंदी फिल्मों हर दौर में बदलती रही हैं। बदलते सामाजिक परिवेश और नए-नए विषयों के हमारी ज़िंदगी में शामिल होने को भी फिल्मों में दिखाया जाता रहा है। लेकिन आज हमारी मौजूदा फिल्मों से गांव गायब हो गए हैं। कहने वाले इसे शिकायती लहजे में भी कह सकते है, लेकिन इसका जवाब ये है कि क्या हमारी असल ज़िंदगी में...

  • वो 10 लोग जिन्हे हिंदी कविता कभी नहीं भुला पाएगी ... 

    यूं तो हिंदी साहित्य में कविता लिखने वाले अनगिनत सितारे रहे हैं जिनकी कलम ने हर दौर में हिंदी को एक से बढ़कर एक बेहतरीन रचनाएं दी। कविता हिंदी साहित्य की वो विधा है जो खूबसूरत से खूबसूरत विचार को कम शब्दों में कहना जानती है। ‘गांव कनेक्शन’ की साथी अनुलता राज नायर ने कोशिश की है ऐसी ही 10 बेहतरीन...

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