Read latest updates about "महफ़िल" - Page 1

  • मोरबीन की धुन सुनी है... कभी इसके बिना बारातें नहीं जाती थीं..

    लखनऊ। आपने मशकबीन या मोरबीन का नाम सुना है? फिल्मों या फिर पुलिस और सेना के बैंड में देखा होगा। जिसे मुंह से फूंक मार कर बजाया जाता है। बिना मोरबीन शादी बारातें नहीं जाती थीं, लेकिन अब ये लुप्त होने के कगार पर है... पहाड़ों में इसे मशकबीन या बीन बाजा भी कहते हैं, लेकिन अब ये सिर्फ कुछ पुराने...

  • The 10 Most Astonishing Villages Of India!

    Every Indian village has its unique culture and specialty. We'll take you to India's 14 most interesting villages where you would find everything different from the rest of the world. 1. A Village Where Milk & Yogurt Is For Free! Here you would get milk and curd for...

  • ग़ज़ल निदा फ़ाज़ली की, आवाज़ मोदी जी की 

    कभी किसी को मुकम्‍मल जहां नहीं मिलता कहीं जमीं तो कहीं आसमां नहीं मिलतानिदा फ़ाज़लीइस शेर को हमने-आपने शायद हज़ारों बार सुना होगा। हम में से तमाम लोग तो इस शेर को ग़ालिब का समझते हैं। ये शेर हिंदी उर्दू के कद्दावर क़लमकार निदा फ़ाज़ली का है। आज उनकी सालगिरह है। 12 अक्टूबर 1938 को...

  • Birthday Special : ये थी बॉलीवुड के लिए रेखा की पहली वीडियो 

    आज रेखा का जन्मदिन है। रेखा, 10 अक्टूबर 1950 को चेन्नई में तमिल अभिनेता जेमिनी गनेशन और तेलगु अभिनेत्री पुष्पावली के घर जन्मीं थी। वो तेलगू को अपनी मातृभाषा मानती हैं, हालांकि हिंदी, तमिल और अंग्रेज़ी भी अच्छे से बोल लेती हैं।बाल कलाकार के तौर पर वो पहली बार तेलगु फिल्म 'रंगुला रतलाम' में...

  • जगजीत सिंह... मैं उतना याद आऊंगा मुझे जितना भुलाओगे 

    जब-जब गजल की बात चलेगी किंग ऑफ गजल यानी जगजीत सिंह का जिक्र होगा। मखमली आवाज़ के धनी जगजीत सिंह ने अपनी गायकी की ऐसी छाप छोड़ी की वो अपने संगीत और शब्दों में अमर हो गए। अपनी गायकी से दूसरों के दिलों में प्यार, दर्द और भावनाओं को उमड़ा देने वाले जगजीत सिंह की जिंदगी उतार चढ़ाव से भरी...

  • जगजीत सिंह, गज़ल के शहंशाह... 'बढ़ा के प्यास मेरी उसने हाथ छोड़ दिया'

    लखनऊ। जगजीत सिंह जिन्हें बॉलीवुड में गजल के किंग के नाम से जाना जाता था। उनकी मखमली आवाज़ में वो जादू था कि आज भी लोग घंटों बैठे उनकी गज़ले सुना करते हैं। गज़ल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में जगजीत सिंह का बहुत बड़ा योगदान रहा।जगजीत सिंह 1987 में बियोंड टाइम अलबम के साथ भारतीय संगीत के इतिहास में...

  • कथाकार प्रेमचंद पर विशेष: 88 साल पुराने ख़त, लगता है कल लिखे गए 

    हिंदी साहित्य के लिए काम करने वालों में यूं तो तमाम नाम हैं, लेकिन मुंशी प्रेमचंद उन तमाम नामों में ऐसा नाम है जो हर मध्यमवर्गीय शहरी की रहनुमाई करता है। प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास लमही गांव में हुआ। अपनी कहानियों में किसान और गांव का दर्द बताने वाले प्रेमचंद...

  • आज ही है उपन्यास सम्राट प्रेमचंद की पुण्यतिथि

    आठ अक्तूबर की तारीख इतिहास में धनपत राय श्रीवास्तव की पुण्यतिथि के तौर पर दर्ज है। कुछ लोगों को यह नाम कुछ अनजाना-सा लग सकता है, लेकिन अगर कहें कि आठ अक्तूबर, 1936 को मुंशी प्रेमचंद का निधन हुआ, तो कलम के जादूगर को हर कोई पल भर में पहचान जायेगा। हिंदी और उर्दू के महानतम लेखकों में शुमार मुंशी...

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