Moinuddin Chishty

GUEST

Moinuddin Chishty

    flower item
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    By Moinuddin Chishty

    #Organic farming
    #Organic farming

    By Moinuddin Chishty

    #jodhpur
    #jodhpur

    By Moinuddin Chishty

    "इन जूतियों का सबसे आकर्षक हिस्सा है, उनके ऊपरी हिस्से में किया जाने वाला कशीदा। इस कशीदे की वजह से ही इन जूतियों के आकर्षण में चार चांद लग जाते हैं। इस प्रकार के कशीदेकारी से इन जूतियों को न केवल खूबसूरत बनाया जाता है, बल्कि इसी की वजह से यह ग्राहक का दिल भी जीत लेती हैं, ”कमरुन्निशा बताती हैं।

    "इन जूतियों का सबसे आकर्षक हिस्सा है, उनके ऊपरी हिस्से में किया जाने वाला कशीदा। इस कशीदे की वजह से ही इन जूतियों के आकर्षण में चार चांद लग जाते हैं। इस प्रकार के कशीदेकारी से इन जूतियों को न केवल खूबसूरत बनाया जाता है, बल्कि इसी की वजह से यह ग्राहक का दिल भी जीत लेती हैं, ”कमरुन्निशा बताती हैं।

    #Andhra_Pradesh
    #Andhra_Pradesh

    By Moinuddin Chishty

    66 वर्षीय प्रगतिशील किसान जीवी कोंडैयाह आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले के गुंटकल तहसील के जी. कोट्टला गांव में अश्वगंधा की खेती से कीर्तिमान रच रहे हैं।

    66 वर्षीय प्रगतिशील किसान जीवी कोंडैयाह आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले के गुंटकल तहसील के जी. कोट्टला गांव में अश्वगंधा की खेती से कीर्तिमान रच रहे हैं।

    #Yoga
    #Yoga

    By Moinuddin Chishty

    Without any support, Khivraj Gurjar balances himself on a bicycle at a 120-ft high uneven upland. The hilly tract is surrounded by a deep trench on its side. Nevertheless, he manages to perch over the cliff, and pose various asana while balancing on the front wheel of his bicycle

    Without any support, Khivraj Gurjar balances himself on a bicycle at a 120-ft high uneven upland. The hilly tract is surrounded by a deep trench on its side. Nevertheless, he manages to perch over the cliff, and pose various asana while balancing on the front wheel of his bicycle

    #farming
    #farming

    By Moinuddin Chishty

    #Farming
    #Farming

    By Moinuddin Chishty

    सिंघाड़े के अलावा सिंघाड़े के आटे की मांग भी पहले की तूलना में बढ़ी है। इसका प्रयोग कई प्रकार की दवाओं को बनाने में भी किया जाता है। थायराइड और घेंघा रोग को दूर करने में सिंघाड़े के आटे का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

    सिंघाड़े के अलावा सिंघाड़े के आटे की मांग भी पहले की तूलना में बढ़ी है। इसका प्रयोग कई प्रकार की दवाओं को बनाने में भी किया जाता है। थायराइड और घेंघा रोग को दूर करने में सिंघाड़े के आटे का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

    #Swayam Story
    #Swayam Story

    By Moinuddin Chishty

    #rajasthan
    #rajasthan

    By Moinuddin Chishty

    #Startup
    #Startup

    By Moinuddin Chishty

    परिवार में पीढ़ियों ये चले आ रहे दूध और पशुपालन के काम में मुकेश ने परंपरागत कारोबार में अपना ज्ञान लगाया और वो सफल कारोबारी बन गए.. पढ़िए उनकी प्रेरक कहानी

    परिवार में पीढ़ियों ये चले आ रहे दूध और पशुपालन के काम में मुकेश ने परंपरागत कारोबार में अपना ज्ञान लगाया और वो सफल कारोबारी बन गए.. पढ़िए उनकी प्रेरक कहानी