Read latest updates about "नारी डायरी" - Page 1

  • इस राज्य की महिलाओं के लिए एटीएम हैं बकरियां

    रामगढ़ (झारखंड)। आदिवासी बाहुल्य झारखंड को जंगलों की जमीन भी कहा जा सकता है। पहाड़ियों के नीचे यहां कोयला, अभ्रक, लोहा जैसी खनिज संपदा है तो ऊपर कुदरत ने खूब हरियाली दी है। झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ महिलाएं हैं। और इन महिलाओं के लिए बकरियां और मुर्गियां एक तरह से एटीएम हैं, यानि ऐनी...

  • महिलाएं अनाज व्यापारी बन पुरुषों को दे रहीं चुनौती

    बहराइच (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की ये महिला किसान खेती करने के साथ ही अब व्यापारी बनकर पुरुष व्यापारियों को चुनौतियां देने में लग गई हैं। ये अपने आस-पास के गांव में इलेक्ट्रॉनिक मशीन से तौल करती हैं जिससे किसानों को घटतौली से छुटकारा और अनाज के वाजिब दाम मिल रहे हैं।"कभी दरवाजे की देहरी पर खड़े...

  • डकैत ददुआ से लोहा लेने वाली 'पाठा की शेरनी' बेरोजगारी से हार रही...

    चित्रकूट। ददुआ जो बोलता था, वह चित्रकूट के लोग करते थे। चंबल के इस खूंखार डकैत के खिलाफ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं थी, लेकिन इसी इलाके की रामलली (50 वर्ष) ने ददुआ के खिलाफ आवाज ही नहीं उठाई, बल्कि उसके खिलाफ विद्रोह भी किया। लेकिन आज रामलली चित्रकूट छोड़ना चाहती हैं। वजह उनके पास कोई रोजगार नहीं...

  • झारखंड की ग्रामीण महिलाएं सामुदायिक पत्रकार बनकर बनेंगी अपने गांव की आवाज़

    धनबाद (झारखंड)। सोनपुरा गांव की रहने वाली खुशबू देवी (27 वर्ष) महिला किसान हैं, वो महिलाओं के स्वयं सहायता समूह सखी मंडल की सक्रिय सदस्य हैं। खुशबू अपने गांव की उपलब्धियां, इलाके की समस्याओं को गांव कनेक्शन अखबार के माध्यम से उठाएंगी। धनबाद में चार दिन के प्रशिक्षण के बाद अब खुशबू सामुदायिक पत्रकार...

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