Livestock Fair 2026: हरियाणा के इस ज़िले में लग रहा बेहतरीन नस्लों के पशुओं का मेला
हरियाणा में 6 से 8 फरवरी 2026 तक में आयोजित होगी 41वीं राज्य पशुधन प्रदर्शनी। उन्नत नस्लों की प्रदर्शनी, आधुनिक तकनीक, लाखों के इनाम और मुफ्त बस सेवा इस आयोजन की खास पहचान होगी।
यहाँ पर देश भर के पशुओं की बढ़िया नस्लें तो देखने को मिलेंगी ही, साथ ही पशुपालकों को आधुनिक कृषि और पशुपालन तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी 2026 तक 41वीं राज्य पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन प्रदेश के पशुपालकों, किसानों और डेयरी उद्यमियों के लिए एक बड़ा मंच साबित होने जा रहा है, जहां उन्नत नस्लों के पशुओं की प्रदर्शनी के साथ-साथ आधुनिक कृषि एवं पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
राज्य सरकार के अनुसार इस मेले का उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करना, किसानों की आमदनी बढ़ाना और उन्हें वैज्ञानिक पशुपालन के तरीकों से जोड़ना है। प्रदर्शनी के दौरान देश की प्रसिद्ध गाय, भैंस, घोड़े, ऊंट, भेड़ और बकरी की नस्लों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें उत्कृष्ट पशुओं के मालिकों को लाखों रुपये के आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
मेले में पशुपालन, कृषि, बागवानी और मत्स्य पालन से जुड़ी नई तकनीकों, मशीनों और उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। विशेषज्ञ किसानों को चारा प्रबंधन, टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीक और डेयरी व्यवसाय से जुड़ी अहम जानकारियां देंगे। इससे पशुपालकों को उत्पादन लागत घटाने और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़ें: औषधीय और सुगंधित फ़सलों की खेती करने वाले किसानों के काम की जानकारी
प्रदर्शनी में रोजाना लकी ड्रॉ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मोटरसाइकिल, स्कूटी सहित अन्य आकर्षक इनाम दिए जाएंगे। इसके अलावा पशुओं का अनूठा रैंप शो, हरियाणवी नृत्य, रागनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेंगी। यह आयोजन केवल एक कृषि मेला नहीं बल्कि ग्रामीण संस्कृति का उत्सव भी होगा।
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेले में निःशुल्क भोजन व्यवस्था के साथ-साथ आने-जाने के लिए मुफ्त बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों और पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
राज्य पशुधन प्रदर्शनी केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पशुपालकों के लिए अनुभव साझा करने, नई तकनीक सीखने और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का मंच भी है। इससे किसानों को आधुनिक पशुपालन मॉडल अपनाने और अपने व्यवसाय को व्यावसायिक स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी।