BJP ने संयुक्त महाराष्ट्र के शहीदों का अपमान किया: शिवसेना
गाँव कनेक्शन | Feb 07, 2017, 15:57 IST
BJP ने संयुक्त महाराष्ट्र के शहीदों का अपमान किया: शिवसेना
मुंबई (भाषा)। निकाय चुनावों में अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी शिवसेना ने आज भाजपा पर ‘ढोंगी' होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि छोटे राज्यों की वकालत करने वाली पार्टी के उम्मीदवारों ने संयुक्त महाराष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले हुतात्माओं को श्रद्धांजलि देकर अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरआत की है।
अपने मुखपत्र ‘सामना' के संपादकीय में जबरदस्त आलोचना करते हुए शिवसेना ने कहा कि भाजपा ने संयुक्त महाराष्ट्र के लिये सर्वोच्च बलिदान करने वालों का ‘अपमान' किया है।
पिछले सप्ताह अपने चुनाव प्रचार के आगाज के दौरान शिवसेना ने BJP पर आरोप लगाते हुए यह याद दिलाया कि BJP छोटे राज्यों की वकालत करती है और महाराष्ट्र को बांटने का उसका (भाजपा का) गुप्त एजेंडा है और यहां तक कि पार्टी राज्य से मुंबई को अलग करने से भी नहीं हिचकेगी। शिवसेना ने राज्य एवं केंद्र सरकारों में सहयोगी होने के बावजूद निकाय चुनावों में हमलों के लिये भाजपा पर निशाना साधा है।
शिवसेना के आक्षेप के जवाब में भाजपा ने रविवार को बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) चुनाव प्रचार शुरु किया और अपने सभी उम्मीदवारों को ‘हुतात्मा चौक' पर बुलाया, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए इस सबसे धनी मुंबई नगर निकाय में सत्ता में आने पर पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का संकल्प जताया।
अपने मुखपत्र ‘सामना' के संपादकीय में जबरदस्त आलोचना करते हुए शिवसेना ने कहा कि भाजपा ने संयुक्त महाराष्ट्र के लिये सर्वोच्च बलिदान करने वालों का ‘अपमान' किया है।
पिछले सप्ताह अपने चुनाव प्रचार के आगाज के दौरान शिवसेना ने BJP पर आरोप लगाते हुए यह याद दिलाया कि BJP छोटे राज्यों की वकालत करती है और महाराष्ट्र को बांटने का उसका (भाजपा का) गुप्त एजेंडा है और यहां तक कि पार्टी राज्य से मुंबई को अलग करने से भी नहीं हिचकेगी। शिवसेना ने राज्य एवं केंद्र सरकारों में सहयोगी होने के बावजूद निकाय चुनावों में हमलों के लिये भाजपा पर निशाना साधा है।
शिवसेना के आक्षेप के जवाब में भाजपा ने रविवार को बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) चुनाव प्रचार शुरु किया और अपने सभी उम्मीदवारों को ‘हुतात्मा चौक' पर बुलाया, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए इस सबसे धनी मुंबई नगर निकाय में सत्ता में आने पर पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का संकल्प जताया।