प्याज की गिरती कीमतों पर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरी शिवसेना (UBT), समृद्धि एक्सप्रेसवे किया जाम, रखी ये मांगें
महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। छत्रपति संभाजीनगर में सोमवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कार्यकर्ताओं ने किसानों के समर्थन में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर ‘चक्का जाम’ कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन वैजापुर तहसील के जांबरगांव इंटरचेंज पर सोमवार सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महामार्ग पर टायर जलाए और सड़क जाम कर यातायात रोक दिया, जिससे कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया। आइये जानते हैं कि शिवसेना (UBT) क्या मांग कर रही है।
“25 से 50 पैसे किलो बिक रही प्याज”
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पार्टी के नेता और एमएलसी अंबादास दानवे ने कहा कि राज्य में प्याज उत्पादक किसानों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा और कई जगह प्याज 25 से 50 पैसे प्रति किलो की दर से खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा कि इतनी कम कीमत किसानों के साथ सीधा अन्याय है और इसी वजह से किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।
“प्याज किसान आत्महत्या करने को मजबूर”
अंबादास दानवे ने दावा किया कि लगातार घाटे और कम दाम की वजह से प्याज किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों से 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज खरीदने की घोषणा की है, लेकिन जमीन पर इस दर पर खरीद नहीं हो रही। दानवे ने कहा, “हमें आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन हम किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरे हैं। हमारी सिर्फ एक मांग है कि सरकार किसानों की प्याज फसल की खरीद अच्छे दाम पर करे।”
शिवसेना ने सरकार के सामने रखीं ये मांगें
आंदोलन के दौरान शिवसेना ने केंद्र और राज्य सरकार के सामने कई मांगें रखीं। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ के जरिए तुरंत प्याज खरीद शुरू की जाए। इसके अलावा प्याज के लिए 2000 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने, 1500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी देने और प्याज निर्यात को स्थायी रूप से खुला रखने की मांग भी की गई। पार्टी ने खाद सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में भेजने और प्याज भंडारण शेड बनाने पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने की भी मांग उठाई। साथ ही किसानों को रियायती दरों पर अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज बीज उपलब्ध कराने की अपील की गई।
पुलिस ने हिरासत में लिया
प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अंबादास दानवे समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें वैजापुर पुलिस थाने ले जाया गया। इसके बाद समृद्धि महामार्ग पर यातायात सामान्य कराया गया।
क्यों गिरे प्याज के दाम?
दरअसल पश्चिम एशिया संकट की वजह से प्याज निर्यात प्रभावित हुआ है। निर्यात घटने से घरेलू बाजार में प्याज की आवक बढ़ गई, जिसके कारण कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पिछले सप्ताह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन किसानों का आरोप है कि उन्हें अब भी उचित कीमत नहीं मिल रही।