बिहार और राजस्थान में महंगा हुआ दूध, सुधा और सरस ने बढ़ाए दाम; आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा असर
महंगाई के बीच अब दूध भी लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने जा रहा है। बिहार की प्रसिद्ध और राजस्थान में सरसर दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को हर लीटर दूध के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। डेयरी कंपनियों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया था। वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच दूध के दाम बढ़ने से घरेलू बजट और प्रभावित होगा।
सुधा डेयरी ने जारी किए नए रेट
बिहार में सुधा दूध सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ब्रांड्स में गिना जाता है। नई कीमतों के तहत अलग-अलग वैरायटी के दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। डेयरी प्रबंधन के अनुसार पशु चारा, बिजली, ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग लागत में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी वजह से दूध खरीद और प्रोसेसिंग की लागत बढ़ी है। कंपनी का कहना है कि किसानों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी कीमतों में संशोधन जरूरी था। नई दरें लागू होने के बाद अब घरों, मिठाई दुकानों, होटल और चाय कारोबारियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
राजस्थान में सरस दूध भी हुआ महंगा
बिहार के साथ-साथ राजस्थान में भी सरस दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। डेयरी फेडरेशन का कहना है कि गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन प्रभावित होता है, जबकि मांग लगातार बनी रहती है। ऐसे में लागत और सप्लाई के बीच संतुलन बनाने के लिए कीमतों में बदलाव किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में पशुओं की सेहत और चारे की लागत बढ़ने का असर डेयरी सेक्टर पर साफ दिखाई देता है। यही वजह है कि कई राज्यों में दूध कंपनियां समय-समय पर कीमतों में संशोधन करती रहती हैं।
आम लोगों की रसोई पर असर
दूध रोजमर्रा की जरूरत का सबसे अहम हिस्सा है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम परिवारों पर पड़ेगा। खासकर बच्चों वाले परिवार, चाय दुकानदार, मिठाई कारोबारी और छोटे रेस्तरां इससे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि दूध महंगा होने के बाद दही, पनीर, घी और मिठाइयों की कीमतों में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।