अगले 7 दिन यूपी में कैसा रहेगा मौसम? बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। गर्मी के बीच बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं। India Meteorological Department के लखनऊ केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अगले 7 दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। 4 मई से 9 मई तक पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
4 से 6 मई सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
IMD के अनुसार 4, 5 और 6 मई को मौसम सबसे ज्यादा खराब रह सकता है। इस दौरान दोनों हिस्सों पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती हैं, चलने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का भी अलर्ट जारी किया गया है। 7 मई को भी कुछ जिलों में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा, हालांकि 8 और 9 मई को चेतावनी कम हो जाएगी लेकिन छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।
कहाँ हुई सबसे ज्यादा बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान बाराबंकी के फतेहपुर तहसील में सबसे ज्यादा 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं सुल्तानपुर, गोंडा के मनकापुर और बाराबंकी के रामसनेहीघाट में 3-3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। हरदोई, अयोध्या और बाराबंकी के कुछ इलाकों में 2 सेंटीमीटर तक बारिश हुई। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी भी चली।
तापमान में राहत, लेकिन ख़तरा बरकरार
बारिश की वजह से प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। लखनऊ मंडल समेत कई इलाकों में दिन का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रिकॉर्ड किया गया। वहीं प्रदेश का सबसे ज्यादा तापमान उरई में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान हरदोई में 16.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ में पिछले 24 घंटे में 6.6 मिमी बारिश हुई है।
किसानों और लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को कटाई के बाद खेतों में रखी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खराब मौसम में बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। मौसम विभाग ने लोगों को Mausam App, Meghdoot App और Damini App का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी है ताकि समय रहते मौसम अलर्ट मिल सके।