ओडिशा में बाढ़ से 9 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 6 जिलों के लिए 1,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज
ओडिशा में लगातार बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा राहत पैकेज घोषित किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने छह प्रभावित जिलों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज का ऐलान किया है। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रापड़ा में बाढ़ से 9 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
इस पैकेज में किसानों की फसल के नुकसान से लेकर पशुधन, मछली पालन, कारीगरों और बुनकरों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मदद का प्रावधान किया गया है। बाढ़ के बाद खेती को दोबारा शुरू करने के लिए बीज और सब्जी मिनी-किट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
किसानों को फसल नुकसान पर कितनी मदद?
बाढ़ से फसल खराब होने पर किसानों को क्षेत्र के हिसाब से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- गैर-सिंचित क्षेत्र: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
- सिंचित क्षेत्र: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
- बारहमासी फसल: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
धान और गैर-धान फसलों के बीज खरीदने के लिए सहायता डीबीटी के ज़रिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
खेती शुरू करने के लिए मुफ्त किट और सब्सिडी
बाढ़ के बाद किसानों को खेती दोबारा शुरू करने में मदद के लिए मुफ्त सब्जी मिनी-किट दी जाएगी। फसलों में बाढ़ के बाद होने वाले कीट और रोगों के प्रबंधन के लिए किसानों को 75 फ़ीसदी सब्सिडी भी मिलेगी। इसके अलावा बाढ़ से क्षतिग्रस्त सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत और बहाली का काम तेज़ी से किया जाएगा।
फसल लोन को लेकर भी राहत
बाढ़ से प्रभावित इच्छुक किसानों के अल्पकालिक खरीफ़ फसल लोन को मध्यम अवधि के लोन में बदला जाएगा। इससे फसल खराब होने के बाद किसानों को तुरंत कर्ज़ चुकाने के दबाव से राहत मिलेगी। बाढ़ में पशुधन के नुकसान पर मुआवज़ा दिया जाएगा। मछुआरों और किसानों को क्षतिग्रस्त नाव, मछली पकड़ने के जाल और तालाबों की मरम्मत के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
कारीगरों और बुनकरों के लिए भी मदद
बाढ़ से औज़ार और उपकरण खराब होने पर प्रभावित कारीगरों और बुनकरों को 5,000 रुपये दिए जाएंगे। कच्चे माल या तैयार उत्पादों के नुकसान पर अतिरिक्त 5,000 रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की अस्थायी मरम्मत तुरंत शुरू की जाएगी। स्थायी पुनर्निर्माण के लिए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
52 प्रखंडों के 429 गाँव प्रभावित
लगातार बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने से छह जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की 15 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक़, 52 प्रखंडों के 429 गाँव बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए थे। राहत और बचाव के लिए 79 टीमें तैनात की गई थीं। राज्य सरकार प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य होने तक पका हुआ खाना, सूखा राशन और चावल उपलब्ध कराएगी। बाढ़ प्रभावित परिवारों को कपड़े, बर्तन और ज़रूरी घरेलू सामान खरीदने के लिए भी आर्थिक मदद दी जाएगी। केंद्रीय जल आयोग ने ओडिशा के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ के खतरे को लेकर चेतावनी दी है। वहीं, मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।