Elephant Garlic: कद्दू जैसा लहसुन और टमाटर जैसी मटर। ये कमाल कर किसान ने दो Guinness World Record बना दिए।

Lata Mishra | Jul 09, 2026, 17:35 IST
क्या कोई किसान सिर्फ़ एक लहसुन को बेहतर बनाने में 10 साल लगा सकता है? ब्रिटेन के किसान ग्राहम बैरट ने ऐसा ही किया। लगभग एक दशक तक लगातार चयन और प्रयोग के बाद उन्होंने 1.75 किलोग्राम वज़न वाला हाथी लहसुन (Elephant Garlic) उगाकर Guinness World Record बनाया। यही नहीं, उसी दिन 28 ग्राम की स्नो पी (Snow Pea) उगाकर उन्होंने दूसरा विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। यह कहानी खेती में धैर्य, प्रयोग और लगातार सुधार की मिसाल है।

खेती में अक्सर किसान हर मौसम के साथ नई फसलें या नई तकनीकें अपनाते हैं, लेकिन ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर के किसान ग्राहम बैरट ने एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक केवल हाथी लहसुन (Elephant Garlic) की बेहतर किस्म तैयार करने पर काम किया। हर साल वे सबसे बड़ी कली को अगली फसल के लिए चुनते रहे और इसी चयन प्रक्रिया ने आखिरकार उन्हें दुनिया का सबसे भारी हाथी लहसुन उगाने में सफलता दिलाई। 25 जून 2026 को ग्राहम बैरट ने 1.75 किलोग्राम वज़न और 19 सेंटीमीटर व्यास वाला हाथी लहसुन उगाकर Guinness World Record अपने नाम कर लिया। यह सामान्य लहसुन की तुलना में लगभग 35 गुना भारी था।



37 कलियाँ लगाईं, लेकिन रिकॉर्ड उस पौधे ने बनाया जिसे खास देखभाल नहीं मिली रिकॉर्ड बनाने के लिए ग्राहम ने सितंबर 2025 में हाथी लहसुन की 37 कलियाँ अलग-अलग तरीकों से लगाईं। उनका उद्देश्य यह जानना था कि कौन-सी विधि सबसे बेहतर परिणाम देती है। दिलचस्प बात यह रही कि सबसे बड़ा लहसुन उस पौधे से निकला जिसे कोई विशेष देखभाल नहीं मिली। इससे यह भी पता चलता है कि खेती में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक परिस्थितियाँ भी कई बार अप्रत्याशित परिणाम दे सकती हैं।



फसल कई बार खतरे में पड़ी


रिकॉर्ड बनने का सफर आसान नहीं था। फसल के दौरान कई बार जंगली जानवरों ने नुकसान पहुँचाया।



  • छछूँदर ने जड़ों को नुकसान पहुँचाया।
  • हिरण बार-बार पत्तियाँ खा जाते थे।
  • खरगोश भी खेत में आने लगे।

इन चुनौतियों के बावजूद ग्राहम ने फसल की लगातार निगरानी की और उसे सुरक्षित रखा। एक ही दिन में बनाए दो विश्व रिकॉर्ड ग्राहम बैरट केवल हाथी लहसुन ही नहीं लाए थे। उसी दिन उन्होंने अपनी उगाई हुई स्नो पी (Snow Pea) भी प्रस्तुत की। इस स्नो पी का वज़न 28 ग्राम दर्ज किया गया और उसने भी Guinness World Record बना दिया। इस तरह ग्राहम ने एक ही दिन में दो अलग-अलग फसलों के लिए दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए।



पहले भी बना चुके हैं कई रिकॉर्ड


ग्राहम बैरट प्रतिस्पर्धी खेती (Competitive Growing) से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। इससे पहले भी उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने सबसे भारी Marrow (तोरई) और सबसे लंबी मटर की फली उगाने जैसे रिकॉर्ड भी बनाए हैं। उनका मानना है कि किसी भी फसल में बेहतर परिणाम पाने के लिए लगातार चयन (Selection), धैर्य और प्रयोग सबसे महत्वपूर्ण हैं।



भारतीय किसानों के लिए क्या सीख है?


यह कहानी केवल विश्व रिकॉर्ड की नहीं, बल्कि खेती में लगातार सुधार की सोच की भी है। भारत में भी कई किसान स्थानीय बीजों का संरक्षण, बेहतर पौधों का चयन, प्राकृतिक खेती और नई तकनीकों के जरिए अपनी उपज और गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। ग्राहम बैरट का उदाहरण बताता है कि लंबे समय तक एक ही फसल पर वैज्ञानिक तरीके से काम करके असाधारण परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। खेती में धैर्य, सही चयन और निरंतर प्रयोग कई बार ऐसे नतीजे देते हैं, जो पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं।

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