बिहार में बनेंगी 11 सैटेलाइट टाउनशिप, 10 गुना बढ़ जाएंगी जमीन की कीमतें, इन जिलों के किसानों को होगा फायदा

Gaon Connection | Apr 28, 2026, 16:44 IST
बिहार सरकार राज्य में 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप बसाएगी। यह योजना किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। जमीन देने वाले किसानों को विकसित भूमि का बड़ा हिस्सा वापस मिलेगा। इससे रोजगार बढ़ेगा और जमीन की कीमत कई गुना बढ़ेगी। सरकार इस परियोजना के लिए विश्व बैंक से भी सलाह ले रही है।

बिहार सरकार ने राज्य में योजनाबद्ध शहरीकरण को गति देने के लिए 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। टाउन प्लानिंग स्कीम (TPS) के तहत लैंड-पूलिंग मॉडल अपनाते हुए सरकार ने साफ किया है कि किसानों को विकास प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा जाएगा। जमीन देने वाले किसानों को न सिर्फ विकसित भूमि का बड़ा हिस्सा वापस मिलेगा, बल्कि उन्हें भूमिहीन भी नहीं होने दिया जाएगा।



लैंड-पूलिंग मॉडल: 55% जमीन किसानों को वापस, जबरन अधिग्रहण नहीं

शहरी विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार के अनुसार, यह पूरी योजना बिहार अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट (BUPD) एक्ट, 2012 के तहत लागू होगी। इसमें किसानों की जमीन को मिलाकर विकसित किया जाएगा और फिर करीब 55% विकसित जमीन उन्हें वापस दी जाएगी। यह मॉडल बिना अनिवार्य भूमि अधिग्रहण के लागू होगा, जिससे किसानों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।



सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को भूमिहीन नहीं होने दिया जाएगा। परियोजना शुरू करने से पहले किसानों की सहमति ली जाएगी और विवादों के समाधान के लिए ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा। जो किसान लैंड-पूलिंग में शामिल नहीं होना चाहते, उनके लिए बाजार दर पर जमीन खरीदने और ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स (TDR) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।



रोजगार, आय और जमीन की कीमत में बड़ा उछाल

इन सैटेलाइट टाउनशिप को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि इनमें आवासीय, वाणिज्यिक और आर्थिक केंद्र शामिल हों। इससे कृषि आधारित बस्तियों को सेकेंडरी और टर्शियरी सेक्टर की ओर बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होगी। सरकार का दावा है कि जमीन की कीमत में कम से कम 10 गुना तक बढ़ोतरी होगी, जबकि पुनपुन जैसे क्षेत्रों में यह 20 गुना तक जा सकती है। योजना के तहत कुल भूमि का 22% कनेक्टिविटी, 5% हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं, 3% आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और 15% बुनियादी ढांचे जैसे एसटीपी, जल संयंत्र और बिजली ग्रिड के लिए आरक्षित किया जाएगा। सरकार इस परियोजना के लिए विश्व बैंक के विशेषज्ञों से भी सलाह ले रही है।



जमीन खरीद-बिक्री पर रोक, अक्टूबर-नवंबर तक आएगा ड्राफ्ट प्लान

राज्य सरकार ने इन टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, विकास और निर्माण गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, ताकि अनियोजित विकास को रोका जा सके और किसानों को उचित मूल्य मिल सके। यह रोक पूरे क्षेत्र में नहीं, बल्कि हर टाउनशिप के आसपास 10-11 गांवों तक सीमित है और मार्च 2027 तक लागू रहेगी। सरकार इस साल अक्टूबर-नवंबर तक इन टाउनशिप का ड्राफ्ट प्लान जारी करेगी, जबकि बिहार के 43 शहरों के लिए मास्टर प्लान भी तेजी से तैयार किया जा रहा है।



दो चरणों में विकास

इन 11 सैटेलाइट टाउनशिप को दो समूहों में विकसित किया जाएगा। पहले समूह में पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर शामिल हैं, जिनका मास्टर प्लान 31 मार्च 2027 तक अधिसूचित होगा। दूसरे समूह में मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी (सीतापुरम) को शामिल किया गया है, जिनका मास्टर प्लान 30 जून 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है।



इन टाउनशिप के नाम भी तय कर दिए गए हैं—पटना में पाटलिपुत्र, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूर्णिया, गया में मगध, मुंगेर में अंग, मुजफ्फरपुर में तिरहुत, भागलपुर में विक्रमशिला, छपरा में सारण, सीतामढ़ी में सीतापुरम और सोनपुर में हरिहरनाथ पुरम।



पारदर्शी विकास मॉडल से बदलेगा शहरी ढांचा

सरकार का कहना है कि यह पूरी योजना पारदर्शिता के साथ लागू की जाएगी, जिससे बिहार में योजनाबद्ध शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह मॉडल राज्य के शहरी विकास की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है।



सैटेलाइट टाउनशिप क्या होती है

सैटेलाइट टाउनशिप बड़े शहर के पास बसाया गया एक छोटा और प्लान्ड शहर होता है। इसमें घर, सड़क, बाजार, स्कूल और अस्पताल जैसी सभी जरूरी सुविधाएं होती हैं, जिससे लोग वहीं रहकर अपनी जरूरतें पूरी कर सकें और बड़े शहर पर दबाव कम हो।

Tags:
  • Bihar satellite city project
  • Bihar land pooling scheme
  • Bihar new township 2026
  • satellite township Bihar news
  • Bihar urban development plan
  • Bihar farmers land compensation
  • Bihar master plan 2027
  • बिहार में जमीन की कीमत
  • बिहार में विकास