क्या भारत है जामुन का असली जन्मस्थान? नए शोध में हुआ बड़ा खुलासा, मिले 2 करोड़ साल पुराने जीवाश्म

Gaon Connection | Apr 22, 2026, 12:08 IST
Image credit : Gaon Connection Network
एक नई रिसर्च ने जामुन के इतिहास को लेकर नया खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जामुन की उत्पत्ति ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया में नहीं, बल्कि भारत में हुई थी। हिमाचल प्रदेश में मिले 2 करोड़ साल पुराने जीवाश्म इस बात की पुष्टि करते हैं। यह शोध भारत की जैव विविधता को समझने में महत्वपूर्ण है।

जामुन भारत का बेहद लोकप्रिय और औषधीय गुणों से भरपूर फल माना जाता है।भारत में खासकर गर्मियों में जामुन का फल अधिक खाया जाता है, वहीं आयुर्वेद में भी इसका खासा महत्व बताया गया है। अब जामुन को लेकर एक नई रिसर्च सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि जामुन की उत्पत्ति कहीं किसी अलग देश में नहीं बल्कि भारत में हुई है। इस रिसर्च को जर्नल ऑफ पैलियोजियोग्राफी में प्रकाशित किया गया है। इस रिसर्च के सामने आने के बाद पौधों के विकास और भारत की जैव विविधता को समझने में आसानी मानी जा रही है।



पहले क्या माना जाता था?

Image credit : Gaon Connection Network

अब तक वैज्ञानिकों का मानना था कि जामुन, जिसे वैज्ञानिक भाषा में सिज़ीगियम (Syzygium) कहा जाता है, उसकी उत्पत्ति ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया में हुई थी। लेकिन नए शोध में इस पुराने अनुमान को चुनौती दी गई है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि जामुन का इतिहास इससे कहीं ज्यादा पुराना है और भारत इसके विकास का बड़ा केंद्र रहा है।



8 करोड़ साल पुराना इतिहास

Image credit : Gaon Connection Network

अध्ययन के अनुसार, जामुन वंश की शुरुआत करीब 80 मिलियन वर्ष (8 करोड़ साल) पहले पूर्वी गोंडवाना क्षेत्र में हुई थी। उस समय भारत एक अलग भूभाग था और बाद में एशिया से जुड़ा। वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत इस पौधे के शुरुआती विकास और विविधता का प्रमुख केंद्र रहा।



हिमाचल प्रदेश में मिले 2 करोड़ साल पुराने जीवाश्म

Image credit : Gaon Connection Network

इस शोध में हिमाचल प्रदेश के कसौली फॉर्मेशन से करीब 20 मिलियन वर्ष (2 करोड़ साल) पुराने जीवाश्म मिले हैं। इनमें जामुन परिवार के 11 अच्छी तरह संरक्षित पत्तों के जीवाश्म शामिल हैं। इनका नाम Syzygium paleosalisifolium रखा गया है।वैज्ञानिकों ने इन पत्तों की बनावट, नसों के पैटर्न, आकार और आधुनिक पौधों से तुलना कर पुष्टि की कि ये जामुन परिवार से जुड़े हैं।



5.5 करोड़ साल पहले भारत से दुनिया में फैला जामुन

Image credit : Gaon Connection Network

शोधकर्ताओं ने पुराने जीवाश्म रिकॉर्ड का भी दोबारा अध्ययन किया। इससे पता चला कि जामुन की यह प्रजाति भारत में करीब 55 मिलियन वर्ष (5.5 करोड़ साल) पहले भी मौजूद थी। यानी भारत में जामुन की उपस्थिति बहुत पुराने समय से रही है। अध्ययन के मुताबिक, जामुन भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर फैला। इससे यह धारणा मजबूत होती है कि भारत केवल जामुन उगाने वाला देश नहीं, बल्कि इसके विकास का मूल केंद्र भी रहा है।



किन संस्थानों ने किया शोध?

Image credit : Gaon Connection Creatives

यह रिसर्च बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज (BSIP), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), एसीएसआईआर और नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है। यह अध्ययन Journal of Palaeogeography में प्रकाशित हुआ है। यह रिसर्च सिर्फ जामुन के इतिहास तक सीमित नहीं है। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि लाखों सालों में पौधे कैसे बदले, जलवायु का उन पर क्या असर पड़ा और भविष्य में जलवायु परिवर्तन का असर किस तरह हो सकता है।



जामुन क्यों है खास फल?

जामुन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। यह मधुमेह नियंत्रण, पाचन सुधारने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार माना जाता है। अब इसके इतिहास को लेकर भी भारत के लिए गर्व की खबर सामने आई है। नए अध्ययन ने संकेत दिया है कि जामुन का असली विकास केंद्र भारत हो सकता है। यदि आगे भी ऐसे प्रमाण मिलते हैं, तो भारत की जैव विविधता और वनस्पति इतिहास को दुनिया में नई पहचान मिलेगी।

Tags:
  • Jamun origin India
  • Jamun fossils Himachal Pradesh
  • हिमाचल प्रदेश में जामुन जीवाश्म
  • Syzygium paleosalisifolium
  • medical plant jamun
  • biodiversity conservation
  • जामुन की उत्पत्ति भारत में
  • jamun originated in India research
  • Syzygium fruit origin India
  • jamun fossil found in Himachal Pradesh