LPG GAS Allocation: गैर-घरेलू एलपीजी आवंटन में बढ़ोतरी, उद्योगों को ज्यादा LPG, कामकाज में मिलेगी राहत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक अहम चिट्ठी भेजी है, जिसमें कहा गया है कि अब गैर-घरेलू LPG (यानी उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली गैस) का कोटा बढ़ाया जाएगा। सीधा मतलब—फैक्ट्रियों और इंडस्ट्री को अब पहले से ज्यादा गैस मिलेगी, ताकि उनका काम बिना रुकावट चल सके।
पहले कितना मिलता था, अब कितना मिलेगा?
पहले राज्यों को कुल मिलाकर करीब 50% LPG मिल रही थी (40% बेस + 10% सुधार करने पर)। अब सरकार इसमें और 20% जोड़ने की तैयारी में है। यानी कुल मिलाकर अब 70% तक LPG मिल सकती है। इससे कंपनियों को काफी राहत मिलेगी, खासकर तब जब बाहर से आने वाली गैस महंगी हो रही है।
किसे मिलेगा ज्यादा फायदा?
सरकार ने साफ कहा है कि स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल और प्लास्टिक जैसे बड़े और मजदूरों को रोजगार देने वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। खासकर उन फैक्ट्रियों को ज्यादा फायदा मिलेगा जहाँ LPG का इस्तेमाल जरूरी है और PNG (पाइप गैस) से काम नहीं चल सकता।
इस पर हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि दुनिया के कई देशों में ईंधन बचाने के लिए सख्ती हो रही है, लेकिन भारत में उद्योगों को राहत देने के लिए LPG का आवंटन बढ़ाया जा रहा है।
कुछ शर्तें भी हैं, जैसे-
अगर कोई कंपनी इस अतिरिक्त LPG का फायदा लेना चाहती है, तो उसे तेल कंपनियों (OMCs) के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा और PNG के लिए आवेदन जैसी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। हालांकि जिन उद्योगों में LPG जरूरी है, उन्हें कुछ छूट भी दी जाएगी।
राज्यों से क्या कहा गया है?
सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे इस फैसले को अपने सभी विभागों तक पहुँचाएं और जिन राज्यों ने अभी तक 10% वाला अतिरिक्त कोटा नहीं लिया है, वे तुरंत ले लें।
आखिर फायदा क्या होगा?
इस फैसले से फैक्ट्रियों का काम आसान होगा, प्रोडक्शन बढ़ेगा और रोजगार पर भी अच्छा असर पड़ सकता है। यानी इंडस्ट्री को राहत मिलेगी तो उसका फायदा धीरे-धीरे आम लोगों तक भी पहुंचेगा।