यूपी के 3500 छात्रों को मिलेगी स्किल ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सपोर्ट, गन्ना विभाग ने वाधवानी फाउंडेशन से किया समझौता
उत्तर प्रदेश में युवाओं को सिर्फ डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में एक नई पहल की गई है। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने वाधवानी फाउंडेशन की संस्था स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क (एसडीएन) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत सहकारी गन्ना समितियों के सहयोग से संचालित इंटर कॉलेजों और महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विभाग का मानना है कि बदलते समय में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की जरूरतों के अनुसार विद्यार्थियों में संचार कौशल, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और कार्यस्थल के अनुरूप व्यवहार विकसित करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार हो सकें।
15 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
प्रदेश में सहकारी गन्ना समितियों द्वारा संचालित नौ इंटर कॉलेजों और महाविद्यालयों में करीब 15,440 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। इन संस्थानों के विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से रोजगारोन्मुखी शिक्षा और कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में लगभग 3,500 विद्यार्थियों को 75 से 90 घंटे का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके जरिए छात्रों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
रोजगार पाने के लिए जरूरी कौशल पर रहेगा फोकस
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को प्रभावी संचार कौशल, साक्षात्कार की तैयारी, व्यक्तित्व विकास, प्रस्तुतीकरण कौशल, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक नैतिकता और कार्यस्थल पर व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। अध्ययन सत्र के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 120 यूनिट का एम्प्लॉयबिलिटी स्किल कार्यक्रम भी संचालित किया जाएगा, जिससे उन्हें नौकरी पाने के लिए जरूरी व्यावहारिक ज्ञान और कौशल मिल सके।
छात्राओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत छात्राओं के कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें रोजगारोन्मुखी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि वे विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी पढ़ाई
वाधवानी फाउंडेशन की ओर से विद्यार्थियों और शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित आधुनिक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर डिजिटल कंटेंट, वीडियो लेक्चर, मूल्यांकन मॉड्यूल और इंटरएक्टिव अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध होगी। विद्यार्थी ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड में अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकेंगे। साथ ही शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनी रहे।
उद्यमी बनने की भी मिलेगी सीख
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने के लिए एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इसमें नवाचार, स्टार्टअप, व्यवसाय प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।
विशेषज्ञों से मिलेगा मार्गदर्शन
समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यशालाएं, मास्टरक्लास, करियर काउंसिलिंग और प्रेरक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को नई तकनीकों, रोजगार के अवसरों और उद्योग जगत की बदलती जरूरतों की जानकारी मिलेगी।
प्लेसमेंट और करियर प्रगति पर होगी निगरानी
वाधवानी फाउंडेशन स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के उद्योगों के सहयोग से विद्यार्थियों को प्लेसमेंट सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। साथ ही विद्यार्थियों की प्रगति, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, रोजगार प्राप्ति और करियर विकास का समय-समय पर मूल्यांकन भी किया जाएगा। गन्ना विभाग का कहना है कि यह पहल प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।