Weather Update: 5 दिन तक रहेगा घना कोहरा, उत्तराखंड में पाले का खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर, शीत दिवस और घना से बहुत घना कोहरा बना रह सकता है। उत्तराखंड में पाले की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
देश के बड़े हिस्से में सर्दी का असर अभी कमजोर पड़ने के संकेत नहीं दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले 1–2 दिनों तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले पाँच दिनों तक सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रहने की संभावना है। इन हालातों का सीधा असर यातायात, स्वास्थ्य और खेती पर पड़ रहा है।
बीते 24 घंटों के दौरान उत्तर भारत के कई इलाकों में कोहरा बेहद घना रहा। उत्तराखंड के पंतनगर, पंजाब के अमृतसर, हरियाणा के अंबाला और भिवानी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जैसे इलाकों में दृश्यता शून्य से लेकर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, बरेली और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में भी दृश्यता बेहद कम रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी सुबह और देर रात यात्रा जोखिमभरी बनी रह सकती है।
IMD के मुताबिक पंजाब के कई हिस्सों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कई इलाकों में भी शीतलहर का असर दर्ज किया गया है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंभीर शीत दिवस, जबकि हरियाणा के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। इसका मतलब है कि दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।
तापमान के आंकड़े सर्दी की गंभीरता को साफ दिखाते हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों में कई जगह न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री कम दर्ज किया गया। देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.9°C बलोवाल सौंखरी (पंजाब) में रिकॉर्ड किया गया।
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IMD ने 16 जनवरी को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में पाला (ग्राउंड फ्रॉस्ट) पड़ने की बहुत अधिक संभावना जताई है। पाले से आलू, सरसों, सब्ज़ियों और नर्सरी के पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई, मल्चिंग और पौधों को पुआल या पॉलीथीन शीट से ढकने जैसे उपाय अपनाएं।
मौसम विभाग के अनुसार 16 से 22 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही 18, 19 और 22 जनवरी को पंजाब, 19 और 22 जनवरी को हरियाणा और चंडीगढ़ तथा 22 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश की संभावना है। यह बदलाव पहाड़ी इलाकों में ठंड को और बढ़ा सकता है।
IMD का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना कम है। पूर्वी भारत में भी दो दिनों तक तापमान स्थिर रहने के बाद धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
घने कोहरे में मौजूद प्रदूषक तत्व फेफड़ों में जाकर सांस से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं। IMD के अनुसार अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को खास सतर्कता बरतनी चाहिए। आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं बहुत घने कोहरे वाले इलाकों में बिजली लाइनों पर नमी जमने से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग ने किसानों को ठंड और पाले से फसलों को बचाने के लिए मल्चिंग, नियमित हल्की सिंचाई और नर्सरी को ढकने की सलाह दी है। पशुपालकों को मवेशियों को रात में शेड में रखने, सूखी बिछावन देने और पोल्ट्री शेड में अतिरिक्त गर्मी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
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