यूपी के मछली पालकों के लिए बड़ी राहत! अब मुफ्त मिलेगा ₹5 लाख तक का दुर्घटना बीमा, जानें आखिरी तारीख

Gaon Connection | Jul 27, 2026, 13:52 IST
उत्तर प्रदेश के मछली पालकों को ₹5 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा मिलेगा। यह सुविधा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रदान की जा रही है। दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर ₹5 लाख तक की सहायता दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती होने पर ₹25 हजार तक का उपचार खर्च भी मिलेगा। पात्र लाभार्थी 31 जुलाई तक राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आवेदन कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में मछली पालन को सुरक्षित और लाभकारी बनाने की दिशा में सरकार ने एक नई पहल की है। राज्य में मछलियों के बीमा की सुविधा शुरू की जा रही है, ताकि प्राकृतिक आपदा, बीमारी या अन्य कारणों से होने वाले नुकसान की स्थिति में मछली पालकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसके साथ ही पात्र मछली पालकों के लिए ₹5 लाख तक के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन दोनों पहलों से मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों का जोखिम कम होगा।


मत्स्य विभाग के अनुसार, यह पहल मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मछली पालकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी है। राज्य सरकार ने पात्र लाभार्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।



दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख तक की सहायता

उत्तर प्रदेश में मछलियों के बीमा की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत तालाबों में पाली जा रही मछलियों को प्राकृतिक आपदा, बीमारी या अन्य निर्धारित जोखिमों से होने वाले नुकसान की स्थिति में बीमा सुरक्षा मिलेगी। इससे मछली पालन में निवेश करने वाले किसानों का आर्थिक जोखिम कम होगा और इस व्यवसाय को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


योजना के तहत पात्र मछली पालकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ भी दिया जाएगा। दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में ₹5 लाख तक की सहायता मिलेगी। स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर ₹2.5 लाख तथा दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर उपचार के लिए ₹25 हजार तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।



किन मछली पालकों को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के पात्र मत्स्य पालकों, मछुआरों और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े पंजीकृत लाभार्थियों को मिलेगा। इसके लिए राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीकरण आवश्यक है। विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।



31 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

मत्स्य विभाग के अनुसार, वर्तमान आवेदन चरण के लिए इच्छुक लाभार्थी 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या संबंधित जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय के माध्यम से किया जा सकता है।



अवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत

आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र तथा मत्स्य पालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना से मत्स्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं मछली पालन को अधिक सुरक्षित व्यवसाय बनाने में मदद करती हैं। इससे मछली पालकों का जोखिम कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य उत्पादन तथा रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी इस योजना से जुड़ें और समय पर आवेदन कर इसका लाभ उठाएं

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