यूपी में खुलेंगे 827 नए एग्रीजंक्शन केंद्र, किसानों को एक ही जगह मिलेंगी खेती से जुड़ी सभी सुविधाएं
UP Agrijunction Center Scheme 2026: Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार किसानों और युवाओं के लिए एक बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य में “प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना” के तहत 827 नए एग्रीजंक्शन केंद्र खोले जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर भी देगी।
क्या हैं एग्रीजंक्शन केंद्र?
एग्रीजंक्शन केंद्र ऐसे विशेष केंद्र होंगे जहाँ किसानों को खेती से जुड़ी कई जरूरी सेवाएं एक ही जगह मिल सकेंगी। यहाँ किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण, तकनीकी सलाह और खेती से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका समय व खर्च दोनों बचेंगे।
827 केंद्रों से किसानों को बड़ा फायदा
सरकार के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों के किसानों को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही कृषि सेवाएं मिल सकेंगी। खेती की जरूरतों के लिए अब किसानों को शहरों या बड़े बाजारों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का मौका
इस योजना का एक बड़ा उद्देश्य युवाओं को रोजगार देना भी है। प्रशिक्षित कृषि उद्यमियों को इन केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता के नए रास्ते खुलेंगे।
हर केंद्र पर करीब 4.22 लाख रुपये की लागत
सरकारी जानकारी के अनुसार प्रत्येक एग्रीजंक्शन केंद्र की स्थापना पर करीब 4.22 लाख रुपये की लागत आएगी। सरकार इस योजना के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देना चाहती है।
किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी
इन केंद्रों के जरिए किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों, नई फसल पद्धतियों, उन्नत बीजों और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इससे किसान बेहतर उत्पादन कर सकेंगे और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सरकार ने बताया किसान हित में बड़ा कदम
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। Surya Pratap Shahi के प्रयासों से शुरू हो रही यह योजना आने वाले समय में किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है।