मंडी भाव से मौसम तक: बिहार के किसानों के लिए मददगार साबित होगा मोबाइल ऐप
सरकारी योजनाओं की जटिल प्रक्रिया, मौसम की अनिश्चितता और बाज़ार की सही जानकारी के अभाव में खेती करना किसानों के लिए हमेशा मुश्किल रहा है। ऐसे में बिहार के किसानों के लिए विकसित बिहार कृषि ऐप किसानों को इन समस्याओं से उबारने की एक डिजिटल कोशिश है।
खेती आज सिर्फ खेत और हल तक सीमित नहीं रह गई है। मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत, बाज़ार की अस्थिर कीमतें और सरकारी योजनाओं की जटिल प्रक्रियाएँ, इन सबके बीच किसान के लिए सही जानकारी और समय पर निर्णय सबसे बड़ी जरूरत बन गए हैं। इसी जरूरत को समझते हुए कृषि विभाग, बिहार सरकार ने बिहार कृषि (Bihar Krishi) ऐप विकसित किया है, जो किसानों को खेती से जुड़ी लगभग हर जरूरी जानकारी एक ही मोबाइल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।
यह ऐप बिहार के किसानों के लिए एक तरह से डिजिटल सहायक बनकर उभरा है, जो सरकारी योजनाओं से लेकर मौसम और मंडी भाव तक, हर जरूरी सूचना उनकी उंगलियों तक पहुंचाता है।
एक ऐप, कई सुविधाएँ
बिहार कृषि ऐप को इस सोच के साथ तैयार किया गया है कि किसान को अलग-अलग दफ्तरों और वेबसाइटों के चक्कर न लगाने पड़ें। ऐप में सरकारी योजनाओं की जानकारी, ऑनलाइन आवेदन, आवेदन की स्थिति, मौसम पूर्वानुमान, मंडी भाव और कृषि सलाह, सब कुछ एक ही जगह मिलता है।
राज्य और केंद्र सरकार की कई योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया किसानों के लिए अक्सर जटिल होती है। बिहार कृषि ऐप इस प्रक्रिया को सरल बनाता है। किसान न केवल योजनाओं की पूरी जानकारी देख सकते हैं, बल्कि मोबाइल से ही आवेदन कर सकते हैं और यह भी जान सकते हैं कि उनका आवेदन किस स्तर पर है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है।
मंडी भाव और बाज़ार की समझ
खेती में आमदनी का सीधा संबंध फसल के सही दाम से है। बिहार कृषि ऐप में राज्य की विभिन्न मंडियों के ताज़ा और लाइव भाव उपलब्ध रहते हैं। इससे किसान यह तय कर पाते हैं कि अपनी उपज किस मंडी में और किस समय बेचना ज़्यादा फायदेमंद होगा। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह सुविधा खास तौर पर उपयोगी है, क्योंकि उन्हें अक्सर सही जानकारी के अभाव में नुकसान उठाना पड़ता है।
मौसम की मार से बचने में मदद
बिहार जैसे राज्य में, जहां खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर है, मौसम की जानकारी बेहद अहम होती है। ऐप में उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान किसानों को बुवाई, सिंचाई और कटाई जैसे फैसले लेने में मदद करता है। बारिश, तापमान और हवा की जानकारी के आधार पर किसान समय रहते तैयारी कर सकते हैं और नुकसान को कम कर सकते हैं।
नजदीकी सुविधाओं की डिजिटल मैपिंग
बिहार कृषि ऐप की एक खास सुविधा है, लोकेशन आधारित सेवाएँ। इसके जरिए किसान अपने आसपास मौजूद कृषि इनपुट दुकानों, कोल्ड स्टोरेज, कस्टम हायरिंग सेंटर, पैक्स (PACS) और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) की जानकारी और संपर्क विवरण पा सकते हैं। इससे उन्हें बीज, खाद, मशीनरी या तकनीकी सलाह के लिए भटकना नहीं पड़ता।
शिकायत से समाधान तक
सरकारी योजनाओं में देरी, भुगतान की समस्या या किसी सेवा में गड़बड़ी, ऐसी स्थितियों में किसान अक्सर असहाय महसूस करते हैं। बिहार कृषि ऐप में मौजूद शिकायत निवारण प्रणाली किसानों को अपनी बात सीधे विभाग तक पहुंचाने का मौका देती है। शिकायत दर्ज करने के बाद किसान उसकी स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं, जिससे भरोसा बढ़ता है कि उनकी समस्या सुनी जा रही है।
सूचना और सलाह का भरोसेमंद ज़रिया
ऐप में खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारियाँ, फसल प्रबंधन, कीट और रोग नियंत्रण से जुड़े सुझाव भी दिए जाते हैं। साथ ही, कृषि विभाग की ओर से जारी नई सूचनाएँ, आवेदन की अंतिम तिथियाँ और महत्वपूर्ण घोषणाएँ नोटिफिकेशन के जरिए सीधे मोबाइल पर मिल जाती हैं। यह सुविधा किसानों को समय पर निर्णय लेने में मदद करती है।
हिंदी और अंग्रेजी में है उपलब्ध
बिहार कृषि ऐप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ यह ऐप किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। खासकर छोटे किसानों के लिए, जिनके पास जानकारी और संसाधनों की कमी होती है, यह ऐप एक मजबूत सहारा बन सकता है।
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