आईआईटी से गठजोड़ पर विचार कर रहा परिवहन मंत्रालय
गाँव कनेक्शन | Sep 16, 2016, 16:24 IST
नई दिल्ली (भाषा)। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय अपनी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस दिशा में पहल करते हुये शुक्रवार को मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कई आईआईटी के निदेशकों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग संस्थानों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने पर विचार हुआ जिससे सड़क परिवहन क्षेत्र की परियोजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जा सके।
गडकरी ने ट्वीट किया, ‘‘सभी आईआईटी निदेशकों के साथ बैठक की। बैठक में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ उनके गठबंधन करने की योजना पर विचार हुआ।'' मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘आईआईटी निदेशकों ने परिवहन क्षेत्र के उन्नयन के लिये प्रौद्योगिकी, आधुनिक साजोसामान और नवोन्मेष को महत्वपूर्ण बताया।'' अधिकारियों ने कहा कि आईआईटी परिवहन मंत्रालय को कई तरीके से मदद कर सकता है। परियोजना रिपोर्टों का मूल्यांकन करने और संबंधित क्षेत्रों में शोध कार्यों में सहयोग किया जा सकता है। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि आईआईटी और मंत्रालय के विशेषज्ञों को मिलाकर एक समिति बनाई जा सकती है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस दिशा में पहल करते हुये शुक्रवार को मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कई आईआईटी के निदेशकों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग संस्थानों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने पर विचार हुआ जिससे सड़क परिवहन क्षेत्र की परियोजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जा सके।
गडकरी ने ट्वीट किया, ‘‘सभी आईआईटी निदेशकों के साथ बैठक की। बैठक में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ उनके गठबंधन करने की योजना पर विचार हुआ।'' मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘आईआईटी निदेशकों ने परिवहन क्षेत्र के उन्नयन के लिये प्रौद्योगिकी, आधुनिक साजोसामान और नवोन्मेष को महत्वपूर्ण बताया।'' अधिकारियों ने कहा कि आईआईटी परिवहन मंत्रालय को कई तरीके से मदद कर सकता है। परियोजना रिपोर्टों का मूल्यांकन करने और संबंधित क्षेत्रों में शोध कार्यों में सहयोग किया जा सकता है। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि आईआईटी और मंत्रालय के विशेषज्ञों को मिलाकर एक समिति बनाई जा सकती है।