FSSAI: पैकेट वाला खाना ख़रीदने से पहले पढ़ें ये 6 चीज़ें, वरना हो सकती है बड़ी चूक
बाज़ार में किसी पैकेट वाले खाने की चीज़ को देखते ही अक्सर हम उसके स्वाद, कीमत और ब्रांड पर ध्यान देते हैं। पैकेट पर लगी आकर्षक तस्वीर भी कई बार हमें तुरंत उसे ख़रीदने के लिए प्रेरित कर देती है। लेकिन किसी खाद्य उत्पाद को चुनने का सही तरीका सिर्फ़ इतना नहीं है। पैकेट के पीछे और किनारे लिखी जानकारी भी हमें यह समझने में मदद करती है कि उस उत्पाद में क्या है और उसे ख़रीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफ़एसएसएआई) भी उपभोक्ताओं को खाद्य उत्पादों का लेबल पढ़ने के लिए जागरूक करता है। इसलिए अगली बार दुकान से कोई पैकेट उठाएँ, तो उसे ख़रीदने से पहले इन ज़रूरी जानकारियों पर एक नज़र ज़रूर डालें।
सामग्री की सूची से पता करें, अंदर क्या है
किसी पैकेज्ड खाद्य पदार्थ को समझने का सबसे आसान तरीका उसकी सामग्री सूची देखना है। इसमें उत्पाद तैयार करने में इस्तेमाल की गई चीज़ों के बारे में जानकारी दी जाती है। किसी स्नैक में अनाज, तेल, नमक, चीनी या मसालों का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। यह जानकारी आपको उत्पाद की संरचना समझने में मदद करती है। इसलिए केवल पैकेट के सामने लिखी बातों पर भरोसा करने के बजाय एक बार सामग्री सूची भी पढ़ें।
पोषण संबंधी जानकारी से करें बेहतर चुनाव
पैकेट पर दिया गया पोषण संबंधी विवरण भी आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है। इसमें ऊर्जा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, शर्करा, वसा और नमक जैसी जानकारी दी जाती है।अगर आप अपनी खाने की आदतों को लेकर सजग हैं, तो अलग-अलग उत्पादों के पोषण संबंधी विवरण की तुलना कर सकते हैं। इससे कम शर्करा, कम नमक या कम वसा वाला विकल्प चुनने में मदद मिल सकती है।
तारीख़ देखकर ही पैकेट ख़रीदें
किसी पैकेज्ड फ़ूड को ख़रीदने से पहले उसकी तारीख़ संबंधी जानकारी देखना न भूलें। पैकेट पर निर्माण या पैकिंग की तारीख़ के साथ ‘बेस्ट बिफोर’ या ‘यूज़ बाय/एक्सपायरी’ जैसी जानकारी दी जा सकती है। यह जानकारी आपको उत्पाद के इस्तेमाल की अवधि समझने में मदद करती है। इसलिए दुकान पर पैकेट उठाने के बाद सीधे बिलिंग काउंटर की ओर जाने के बजाय एक बार तारीख़ ज़रूर जाँच लें।
एलर्जी की समस्या है तो लेबल और ध्यान से पढ़ें
अगर आपको किसी खाद्य सामग्री से एलर्जी है, तो पैकेट पर दी गई एलर्जी संबंधी जानकारी को बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें। गेहूँ, दूध, सोया, मूँगफली और कुछ दूसरी सामग्री संवेदनशील लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। ऐसे में नया उत्पाद ख़रीदते समय उसकी सामग्री और एलर्जी से जुड़ी जानकारी पढ़ना बेहद ज़रूरी हो जाता है।
शाकाहारी या मांसाहारी होने की पहचान करें
पैकेज्ड खाद्य पदार्थ पर दिया गया शाकाहारी या मांसाहारी चिन्ह भी उपभोक्ता के लिए महत्वपूर्ण होता है। इससे उत्पाद की प्रकृति पहचानने में मदद मिलती है। इसलिए किसी नए खाद्य उत्पाद को ख़रीदते समय पैकेट पर बने इस चिन्ह को ज़रूर देखें। यह छोटी-सी जानकारी ख़रीदारी के दौरान आपके लिए काफ़ी काम की हो सकती है।
एफ़एसएसएआई लाइसेंस नंबर पर भी डालें नज़र
पैकेज्ड फ़ूड के लेबल पर एफ़एसएसएआई लाइसेंस नंबर भी दिया जाता है। यह खाद्य कारोबार से संबंधित महत्वपूर्ण नियामकीय जानकारी है। खासकर जब आप किसी नए या कम पहचाने जाने वाले ब्रांड का खाद्य उत्पाद ख़रीद रहे हों, तब पैकेट पर मौजूद इस नंबर और दूसरी आवश्यक जानकारियों को देखना आपकी ख़रीदारी को अधिक जागरूक बना सकता है।
किसी खाद्य उत्पाद का सामने वाला हिस्सा अक्सर आकर्षक तस्वीरों और बड़े-बड़े दावों से आपका ध्यान खींचता है। लेकिन उत्पाद को सही तरह से समझने के लिए पैकेट के पीछे या दूसरी तरफ़ दी गई जानकारी पढ़ना भी उतना ही ज़रूरी है। सामग्री सूची, पोषण संबंधी जानकारी, तारीख़, एलर्जी संबंधी जानकारी, शाकाहारी या मांसाहारी चिन्ह और एफ़एसएसएआई लाइसेंस नंबर जैसी जानकारियाँ आपको अपने लिए सही उत्पाद चुनने में मदद कर सकती हैं। इसलिए अगली बार बाज़ार में कोई चिप्स, बिस्किट, नमकीन या जूस ख़रीदें, तो सिर्फ़ यह न देखें कि पैकेट कितना आकर्षक है या कीमत कितनी है। कुछ सेकंड लेबल पढ़ने में भी लगाएँ। यही छोटी-सी आदत आपको अपने खाने को लेकर ज़्यादा जागरूक बना सकती है।