Agri Infra Fund: इस स्कीम से ऐसे मिलता है ₹2 करोड़ तक का लोन, शुरु कर सकते हैं ये बिजनेस, ब्याज में मिलती है इतनी छूट
Agriculture Infrastructure Fund: देश में खेती को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) स्कीम काफी लोकप्रिय हो रही है। यह स्कीम खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर जोर देती है, ताकि किसानों को उनकी फसल का अच्छा दाम मिल सके और फसल खराब होने से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। AIF के तहत किसान, FPO (किसान उत्पादक संगठन), सहकारी समितियां और स्टार्टअप वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, ग्रेडिंग यूनिट और प्रोसेसिंग यूनिट जैसे बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहती है और किसानों को सही समय पर बेहतर दाम मिलता है।
स्कीम की खासियतें और फायदे
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके तहत ₹2 करोड़ तक का लोन आसानी से मिल जाता है। इस लोन पर सरकार 3% तक की ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे लोन सस्ता हो जाता है। कुल ब्याज दर 9% तक सीमित रहती है और यह सब्सिडी अधिकतम 7 साल तक मिलती है। इसके अलावा, ₹2 करोड़ तक के लोन पर क्रेडिट गारंटी भी दी जाती है, जिसका चार्ज सरकार खुद वहन करती है। इससे बैंकों का जोखिम कम होता है और लोगों को ज्यादा सिक्योरिटी के बिना भी लोन मिलने में आसानी होती है।
कृषि इंफ्रा फंड के तहत लोन के लिए कौन आवेदन कर सकता है:
- कृषि उपज मंडी समिति (APMC)
- एग्री-उद्यमी (Agri-Entrepreneur)
- किसान
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- विपणन सहकारी समितियां (Marketing Cooperative Society)
- बहुउद्देशीय सहकारी समितियां (Multipurpose Cooperative Society)
- प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS)
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- स्टार्ट-अप (Start-Up)
- राज्य एजेंसियां (State Agencies)
शुरू किए जा सकने वाले बिजनेस
AIF स्कीम के तहत वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, सप्लाई चेन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, एग्री लॉजिस्टिक्स और रिपनिंग चैंबर जैसे कई तरह के बिजनेस शुरू किए जा सकते हैं। हाल ही में, स्कीम का दायरा और बढ़ाया गया है, जिसमें इंटीग्रेटेड प्रोसेसिंग यूनिट, कम्युनिटी फार्मिंग इंफ्रा और सोलर बेस्ड प्रोजेक्ट्स को भी शामिल किया गया है। इससे गांवों में निवेश बढ़ा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। कई जगहों पर किसान समूह बनाकर इस स्कीम का लाभ उठा रहे हैं और अपनी आय बढ़ा रहे हैं।