कृषि मंत्री का सुधार एक्सप्रेस पर जोर: खाद और कीटनाशक नियमों में बड़े बदलाव, किसानों को मिलेगी राहत
केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पहल के तहत खाद, कीटनाशक और कृषि सेवाओं से जुड़े कई नियमों को सरल बनाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से किसानों, व्यापारियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों को राहत मिलेगी। जानिए किन-किन सुधार बदलावाों की हो रही है बात।
खाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी आसान
सरकार अब नए उर्वरकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने की तैयारी में है। अभी तक किसी नए खाद को बाजार में लाने के लिए कई स्तरों की मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिससे कंपनियों और किसानों दोनों को इंतजार करना पड़ता था। प्रस्तावित बदलावों के बाद कई तकनीकी प्रक्रियाएं कम की जा सकती हैं और गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाले उर्वरकों को तेजी से मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा।
कीटनाशक लाइसेंस के नियम भी सरल
घरेलू उपयोग वाले कीटनाशकों की बिक्री और भंडारण के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। पहले जहां आवेदन फॉर्म तीन पन्नों का होता था, अब उसे घटाकर एक पन्ने तक सीमित किया गया है। इसके अलावा उत्पादों के साथ दिए जाने वाले कागजी पर्चों की जगह अब QR कोड का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे लाखों छोटे दुकानदारों और रिटेल व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से किसानों को फायदा
कृषि मंत्रालय किसानों के लिए डिजिटल सेवाओं को भी मजबूत कर रहा है। सरकार के अनुसार पहले किसानों को अलग-अलग जानकारी के लिए कई पोर्टलों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए कई सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंत्रालय का दावा है कि यह व्यवस्था कृषि सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाएगी।
नकली बीज और घटिया खाद पर सख्ती की तैयारी
केंद्र सरकार नकली बीज, घटिया कीटनाशक और खराब गुणवत्ता वाले उर्वरकों पर भी सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। कृषि मंत्री पहले भी संकेत दे चुके हैं कि नए कानूनों में कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान हो सकता है, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
किसानों और व्यापारियों के लिए क्या बदलेगा?
इन सुधारों के लागू होने के बाद कृषि क्षेत्र में लाइसेंस, पंजीकरण और अनुमोदन से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले के मुकाबले तेज हो सकती हैं। इससे नई तकनीक और उर्वरक तेजी से बाजार तक पहुँच पाएंगे। साथ ही छोटे दुकानदारों और किसानों को कम कागजी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य कृषि व्यवस्था को “सरल, तेज और प्रभावी” बनाना है।