'क्या मैं खाना हूं या दोस्त?', पेटा इंडिया ने लॉन्च की इंसानों से बात करने वाली AI Goat ‘आवाज़’, लोगों से कर रही यह अपील
पशु अधिकार संगठन People for the Ethical Treatment of Animals (पेटा) इंडिया ने लोगों को शाकाहार और वीगन जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘आवाज़’ नाम की एआई आधारित रोबोट बकरी लॉन्च की है। यह रोबोट बकरी इंसानों की तरह बातचीत कर सकती है और बच्चों से लेकर आम लोगों तक से सवाल पूछती है -“क्या आप मुझे दोस्त मानते हैं या खाना?” पेटा इंडिया द्वारा जारी वीडियो में यह रोबोट बकरी अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लोगों से बात कर सकती है।
कॉलेज और शहरों में जाएगी ‘आवाज़’
पेटा इंडिया ने बताया कि ‘आवाज़’ देशभर के कॉलेज कैंपस और शहरों के सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से बातचीत करेगी। इसका उद्देश्य लोगों को पशु हत्या के खिलाफ जागरूक करना और वीगन फूड अपनाने के लिए प्रेरित करना है। वीडियो में रोबोट बकरी कहती है, “कुछ लोग सोचते हैं कि हम खाना हैं या हमारी जिंदगी ली जा सकती है। लेकिन मेरी जिंदगी भी मेरे लिए उतनी ही खास है, जितनी आपकी जिंदगी आपके लिए है।”
‘बकरियां भी दर्द और डर महसूस करती हैं’
पेटा इंडिया ने बयान में कहा कि इंसानों की तरह बकरियां भी दर्द और डर महसूस करती हैं और वे भी मरना नहीं चाहतीं। संगठन ने कहा कि ‘आवाज़’ लोगों को कटहल, टोफू, मशरूम और मॉक मटन जैसे पशु-मुक्त खाद्य विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
हर वीगन व्यक्ति बचा सकता है 200 जानवर
पेटा इंडिया के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति वीगन जीवनशैली अपनाता है, तो वह हर साल करीब 200 जानवरों की जिंदगी बचाने में योगदान दे सकता है। संगठन का दावा है कि वीगन भोजन हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम कर सकता है।
जलवायु संकट से भी जुड़ा है मामला
पेटा इंडिया ने कहा कि भोजन के लिए बड़े पैमाने पर पशुपालन जल प्रदूषण, पानी और जमीन के अत्यधिक इस्तेमाल का बड़ा कारण है। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों से निपटने के लिए दुनिया को वीगन भोजन की ओर बढ़ना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीक और रोबोटिक्स का इस्तेमाल अब सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी तेजी से बढ़ रहा है और ‘आवाज़’ इसी दिशा में एक नया प्रयोग माना जा रहा है।