अल नीनो का खतरा, मानसून की चुनौती; किसानों के लिए केंद्र सरकार ने शुरू की विशेष तैयारी
आगामी खरीफ सीजन और दक्षिण-पश्चिम मानसून को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में विभिन्न विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर अल नीनो के संभावित प्रभावों तथा मानसून की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित चुनौती या आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तरह तैयार रहें।
जलवायु के अनुसार बनेगी फसल योजना
बैठक में एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन के अनुरूप फसल योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की जलवायु और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को उपयुक्त फसलों और किस्मों के चयन की सलाह दी जानी चाहिए, ताकि उत्पादन पर मौसम संबंधी जोखिम का असर कम हो सके।
कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा
शिवराज सिंह चौहान ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए ऐसी फसल किस्मों के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया जो कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हों। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों और उन्नत बीजों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए।
जल संरक्षण पर विशेष फोकस
बैठक में जल संरक्षण और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने रिजर्व पानी, तालाबों, जलाशयों और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि मानसून के दौरान उपलब्ध जल का अधिकतम संरक्षण भविष्य में सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने में मददगार साबित होगा।
किसानों तक पहुंचे समय पर सलाह
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौसम और फसल संबंधी वैज्ञानिक सलाह किसानों तक समय पर पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य कृषि विभागों और अन्य संस्थानों के माध्यम से किसानों को मौसम के अनुसार खेती की रणनीति अपनाने के लिए जागरूक किया जाए।
खरीफ सीजन पर रहेगी विशेष नजर
सरकार की यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब देश के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो और मानसून की स्थिति का सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है। ऐसे में केंद्र सरकार की यह सक्रियता किसानों के हितों की सुरक्षा और खाद्य उत्पादन को स्थिर बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।