मौसम का रौद्र रूप! 13 जून तक आंधी, ओलावृष्टि और 70 km/h की तूफानी हवाओं का अलर्ट...घर से निकलने से पहले पढ़ लें IMD की चेतावनी
June 2026 Thunderstorm Warning: उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक मौसम एक बार फिर बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 से 13 जून के बीच कई राज्यों में गरज-चमक, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने खास तौर पर किसानों, बागवानी करने वालों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों, फलदार पेड़ों, बिजली लाइनों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा असर की संभावना
IMD के अनुसार हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ तेज आंधी चल सकती है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी आशंका है।
राजस्थान में 11 से 13 जून तक, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 12 से 13 जून के दौरान मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
इन राज्यों में ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग ने हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि/Hailstorm Alert की संभावना जताई है। मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी 12 जून को ओले गिर सकते हैं।
मौसम विभाग ने बताया है कि इस समय कई फसलों की कटाई और भंडारण का काम चल रहा है, ऐसे में ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता बढ़ा सकती है।
फसलों और बागवानी को हो सकता है नुकसान
IMD के मुताबिक तेज हवाओं और ओलों की वजह से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर केला, पपीता और अन्य बागवानी फसलों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं और फलदार बागानों को नुकसान हो सकता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बिजली और संचार सेवाएं भी हो सकती हैं प्रभावित
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण बिजली और संचार लाइनों को भी नुकसान पहुंच सकता है। पेड़ों की शाखाएं टूटकर तारों पर गिर सकती हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और नेटवर्क सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
कच्चे मकानों और झोपड़ियों पर खतरा
आंधी और तेज हवाओं की वजह से कच्चे मकानों, झोपड़ियों और अस्थायी ढांचों को भी नुकसान पहुंच सकता है। खुले में रखी वस्तुएं उड़ सकती हैं और कमजोर संरचनाओं को क्षति पहुंच सकती है।
किसानों के लिए क्या है सलाह?
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई के बाद तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में रखी उपज को तिरपाल या सुरक्षित गोदामों में ढककर रखें। बागवानी फसलों में सहारा देने वाले ढांचों को मजबूत करें और मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने से बचें।
आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहें।
- खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
- पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में न जाएं।
- तालाब, नदी या अन्य जलाशयों से तुरंत दूर हो जाएं।
- बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें।
- बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
अगले तीन दिन रहेंगे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग का कहना है कि 11 से 13 जून के बीच कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में लोगों और किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की जरूरत है। समय रहते सावधानी बरतने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।