अब पशुओं के लिए भी एम्बुलेंस सेवा! घर बैठे इलाज के लिए इस टोल-फ्री नंबर पर करें कॉल, 30 मिनट के भीतर इलाज सुविधा उपलब्ध
अब इंसानों की तरह पशुओं के लिए भी एम्बुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। हरियाणा सरकार ने पशुपालकों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लेते हुए पशु चिकित्सा मोबाइल वैन सेवा को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। अगर गाय, भैंस, बकरी या अन्य पशु अचानक बीमार हो जाएं तो पशुपालकों को अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सिर्फ टोल-फ्री नंबर पर कॉल करते ही मोबाइल वेटरनरी वैन घर पहुँचकर इलाज करेगी। सरकार का दावा है कि 30 मिनट के भीतर उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिए निर्देश
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन विभागों के ‘विजन 2047’ रोडमैप की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पशुपालकों को समय पर इलाज सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पशु चिकित्सा मोबाइल वैन सेवा को और मजबूत किया जा रहा है ताकि गाँवों में रहने वाले पशुपालकों को तुरंत मदद मिल सके।
कैसे काम करेगी पशु एम्बुलेंस सेवा?
सरकार के मुताबिक पशुपालकों को केवल टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल करना होगा। कॉल मिलते ही नजदीकी पशु चिकित्सा मोबाइल वैन को सूचना भेजी जाएगी और टीम पशुपालक के घर पहुंचकर पशु का इलाज करेगी। फिलहाल यह सेवा सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इसे 24 घंटे सेवा में बदला जाएगा।
गाँवों के पशुपालकों को मिलेगा बड़ा फायदा
ग्रामीण इलाकों में कई बार पशु बीमार होने पर समय पर डॉक्टर नहीं मिल पाते, जिससे पशुओं की हालत गंभीर हो जाती है। नई मोबाइल वैन सेवा शुरू होने से अब पशुपालकों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे दूध उत्पादन, पशुधन सुरक्षा और किसानों की आय पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान जलभराव और लवणीय भूमि सुधार, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, DSR तकनीक, पराली मुक्त हरियाणा, बागवानी क्लस्टर विकास और झींगा पालन को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है ताकि किसानों और पशुपालकों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।