लंदन पहुंची असम की कार्बी आंगलोंग अदरक, किसानों को मिलेगा नया बाज़ार

Gaon Connection | Mar 02, 2026, 15:16 IST
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अदरक की खेती
कार्बी आंगलोंग के अदरक का लंदन निर्यात शुरू होना असम की कृषि की वैश्विक पहचान बढ़ाने वाला कदम है. GI टैग के साथ यह अदरक उच्च गुणवत्ता का प्रमाण देता है, जिससे किसानों की आय और क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा. आने वाले वर्षों में ऐसे निर्यात से पूर्वोत्तर भारत की क्षमताएँ वैश्विक मंच पर और सशक्त होंगी.

असम सरकार ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सोमवार को असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने राजधानी गुवाहाटी के कृषि भवन, खानापारा से भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त कार्बी आंगलोंग अदरक का पहली बार लंदन (ब्रिटेन) के लिए निर्यात का शुभारंभ किया। जिसका बाद कार्बी आंगलोंग अदरक का पहली बार लंदन, यूनाइटेड किंगडम के लिए निर्यात औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। यह निर्यात असम के कृषि व ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।



इस कार्यक्रम में बताया गया कि यह अदरक कार्बी आंगलोंग ज़िले के ऊँचे पहाड़ी इलाकों में उगाई जाती है और इसकी गुणवत्ता अत्यधिक श्रेष्ठ मानी जाती है। इसके स्वाद, सुगंध और विशिष्ट गुणों को पहचानते हुए इसे GI टैग प्राप्त है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक विशिष्ट दर्जा देता है। सरकार का मानना है कि इस निर्यात से न केवल असम के किसान को बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि यह राज्य के कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग और प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगा।



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ब्रांड इंडिया की पहचान बढ़ेगी


असम के कृषि मंत्री ने यह निर्यात कार्यक्रम मुख्य रूप से उत्पादकों और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से लॉन्च किया जिससे भविष्य में और बड़े पैमाने पर निर्यात के रास्ते खुलेंगे। पहले चरण के तहत यह निर्यात एक परीक्षण खेप (trial consignment) के रूप में 1.2 मीट्रिक टन भेजी गई है और उम्मीद जताई गई है कि अगर यह खेप लंदन में ग्राहकों को पसंद आती है, तो आगे और निर्यात किया जाएगा।



क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांड इंडिया की पहचान बढ़ेगी



GI टैग उत्पादों को विशेष मान्यता मिलती है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांडेड और उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद माना जाता है। इससे विदेशी खरीदारों का विश्वास बढ़ता है और निर्यात के अवसर बेहतर होते हैं।



2. किसानों की आय में बढ़ोतरी

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मिलेगा नया बाज़ार


GI टैग और निर्यात के जरिए कार्बी आंगलोंग के किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकता है। गुणवत्ता की पहचान होने से यह अदरक बेहतर भाव पर बिकेगी, जिससे स्थानीय किसानों की आमदनी में वृद्धि होने की संभावना है।



3. नये बाजारों का विस्तार

लंदन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात शुरू होने से न सिर्फ ब्रिटेन बल्कि यूरोप और अन्य देशों में भी असम के कृषि उत्पादों के लिए रास्ते खुल सकते हैं। इससे असम की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।



4. GI टैग का फायदा

GI टैग (Geographical Indication) यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद उस विशेष क्षेत्र की विशिष्ट मिट्टी, जलवायु और पारंपरिक कृषि तकनीक का परिणाम है। कार्बी आंगलोंग अदरक प्राकृतिक सुगंध और तीखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, और यह टैग इसे नकली या सामान्य उत्पादों से अलग पहचान देता है। भविष्य में इस तरह के निर्यात को बढ़ावा देने से न केवल पूर्वोत्तर भारत की पहचान बनेगी बल्कि स्थानीय किसानों व कृषि उद्योग को वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा किया जा सकेगा।

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