Bharat Atta & Rice: फिर लौट रहा है भारत आटा और चावल, सरकार ने बिक्री शुरू करने की बनाई तैयारी; जानें कितनी होगी क़ीमत
केंद्र सरकार एक साल से अधिक समय के अंतराल के बाद फिर से रियायती दरों पर भारत आटा और भारत चावल की बिक्री शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह क़दम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब देश में त्योहारी सीज़न नज़दीक है और वर्ष 2026 में संभावित अल नीनो के कारण खरीफ़ बुआई पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएँ जताई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर आवश्यक खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।
साल 2023 में शुरू किए गए भारत (Bharat) ब्रांड के तहत आटा, चावल और दालें रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती थीं लेकिन अप्रैल 2025 में इस योजना को रोक दिया गया था। अब उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने वर्ष 2026-27 की ओपन मार्केट सेल स्कीम (डोमेस्टिक) के तहत भारत आटा और भारत चावल की खुदरा बिक्री दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
भारत आटा और भारत चावल की बिक्री कैसे होगी?
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने भारतीय खाद्य निगम (एफ़सीआई) को भेजे गए पत्र में बताया है कि सक्षम प्राधिकारी से केंद्रीय सहकारी संगठनों को गेहूँ और चावल उपलब्ध कराने की मंज़ूरी मिल गई है। इन संगठनों के माध्यम से ओपन मार्केट सेल स्कीम (डोमेस्टिक) नीति 2026-27 के तहत भारत आटा और भारत चावल की खुदरा बिक्री की जाएगी।
मंत्रालय ने इस योजना के लिए 50,000 टन गेहूँ और 3,00,000 टन चावल आवंटित किया है। यह आवंटन विशेष रूप से भारत ब्रांड के तहत खुदरा बिक्री के लिए किया गया है।
भारत आटा और भारत चावल की कीमत कितनी होगी?
सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए भारत आटा का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) ₹32 प्रति किलोग्राम तय किया है। वहीं भारत चावल की 5 किलोग्राम और 10 किलोग्राम की पैकिंग का एमआरपी 31 अक्तूबर तक ₹35 प्रति किलोग्राम रहेगा, जबकि 30 किलोग्राम के पैक की कीमत ₹33 प्रति किलोग्राम होगी। 1 नवंबर से 5 और 10 किलोग्राम पैक का एमआरपी बढ़ाकर ₹36 प्रति किलोग्राम तथा 30 किलोग्राम पैक का एमआरपी ₹34 प्रति किलोग्राम कर दिया जाएगा।
सरकार ने यह फ़ैसला क्यों लिया?
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक महीने में आटे की कीमतों में 6 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं वर्ष 2026 में संभावित अल नीनो के चलते खरीफ़ बुआई पर असर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में सरकार ने त्योहारी सीज़न से पहले रियायती दरों पर भारत आटा और भारत चावल की बिक्री दोबारा शुरू करने की तैयारी की है। रोलर फ़्लोर मिलर्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के उपाध्यक्ष रोहित खेतान ने कहा कि सरकार अल नीनो के प्रभाव को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आने तक सतर्क रुख अपना सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के लिए आवंटित गेहूँ और चावल की मात्रा इतनी अधिक नहीं है कि उससे बाज़ार की कीमतों पर बड़ा असर पड़े।