पथरी का ऑपरेशन बन गया काल, तीन साल के मासूम की गई जान

Akash Singh | May 26, 2018, 14:09 IST

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार को डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से एक तीन साल का मासूम बच्चा मौत के मुंह में समा गया।

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार को डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से एक तीन साल का मासूम बच्चा मौत के मुंह में समा गया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।



मामला बाराबंकी के सफेदाबाद क्षेत्र के मेयो मेडिकल इंस्टीट्यूट से जुड़ा है, जहां नबीगंज इलाके के रहने वाले बब्लू अपने तीन साल के मासूम को पथरी के ऑपरेशन के लिए लेकर आए थे। परिजनों ने डॉक्टरों का आरोप हैं कि डॉक्टरों ने बच्चे को इंजेक्शन का ओवरडोज दे दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्चे की हालत खराब होता देख उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। मेयो अस्पताल से ले जाते समय ही बच्चे की हालत बहुत खराब हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।



ऐसे में बच्चे के परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही के चलते अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उन्हें बच्चे के पास जाने नहीं दिया और जब बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। यह भी पढ़ें: यूपी: लैब टेक्नीशियन ने कर दिया ऑपरेशन , गर्भाशय निकाला और फाड़ दी पेशाब की थैली परिजनों ने बताया कि जब हम लोग बच्चे को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो वहां के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की जान एक घंटे पहले ही जा चुकी है। ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के इतना कहते ही मेयो के डॉक्टर वहां की एंबुलेंस के साथ भाग खड़े हुए। इस मामले पर मेयो मेडिकल इंस्टीट्यूट के सीओओ डॉ. रमेश मिश्रा ने परिजनों के आरोपों को नकारते हुए बताया, "बच्चे को एक हफ्ते पहले भी अस्पताल में एडमिट किया गया था और आज उसे ऑपरेशन की तारीख दी गई थी। आज ऑपरेशन से पहले उसे इंजेक्शन लगाया गया। जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।" डॉ. रमेश मिश्रा ने इस बात से इनकार किया कि बच्चे की जान ट्रॉमा सेंटर ले जाने से एक घंटे पहले चली गई थी। उनका कहना था कि बच्चे की मृत्यु ट्रॉमा सेंटर में एडमिट होने के बाद हुई है। वहीं सीओ अरविंद वर्मा का कहना है, "मेयो मेडिकल इंस्टीट्यूट में एक लड़के की मौत हुई है। लड़के को उसके परिजन पथरी के ऑपरेशन के लिए लेकर आए थे। मामले में बच्चे के परिजनों की तहरीर के मुताबिक मामला दर्ज किया जाएगा और जो भी दोषी होगा] उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।" यह भी पढ़ें: टॉर्च की रोशनी में कर दिये मोतियाबिन्द के ऑपरेशन जांच के आदेश

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