Basmati Mela: यूपी के इस जिले में 23 अप्रैल को लगेगा बासमती बीज मेला, मिलेंगी 8 उन्नत किस्में
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मेरठ के मोदीपुरम में 23 अप्रैल को बासमती बीज मेला आयोजित किया जा रहा है, जहाँ किसानों को बासमती धान की उन्नत किस्मों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मेले का उद्देश्य किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज देकर उनकी खेती को अधिक लाभदायक बनाना है। बासमती धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह आयोजन बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
मेले में मिलेंगी बासमती की 8 उन्नत किस्में
बीज मेले में किसानों को बासमती धान की आठ लोकप्रिय और उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध होंगे। इनमें पूसा बासमती 1121, पूसा बासमती 1885, पूसा बासमती 1718, पूसा बासमती 1509, पूसा बासमती 1692, पूसा बासमती 1, पूसा बासमती 1401 और पूसा बासमती 1847 शामिल हैं। ये किस्में बेहतर उत्पादन, लंबा दाना, सुगंध और बाजार में अच्छी कीमत के लिए जानी जाती हैं
पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा वितरण
मेले में बीजों का वितरण पहले आओ-पहले पाओ की नीति के तहत किया जाएगा। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले पहुंचें ताकि अपनी पसंद की किस्मों के बीज प्राप्त कर सकें। बीजों की संख्या सीमित हो सकती है, इसलिए देर करने पर मौका छूट सकता है।
क्यों खास हैं ये बासमती किस्में?
पूसा बासमती 1121 जैसी किस्में लंबे दाने और शानदार खुशबू के लिए मशहूर हैं। वहीं 1509 और 1718 जैसी किस्में जल्दी पकने और अच्छी पैदावार देने के कारण किसानों में लोकप्रिय हैं। कुछ किस्में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी रखती हैं, जिससे किसानों का खर्च कम होता है और मुनाफा बढ़ता है।
किसानों की आय बढ़ाने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान प्रमाणित और उन्नत बीजों का उपयोग करें तो उत्पादन के साथ गुणवत्ता भी बढ़ती है। बासमती चावल की देश-विदेश में मांग अधिक रहती है, इसलिए अच्छी किस्मों की खेती किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती है। यह बीज मेला किसानों को सीधे बेहतर बीज उपलब्ध कराने की एक सकारात्मक पहल है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
किसानों को मेले में जाते समय आधार कार्ड या पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है। साथ ही आयोजन स्थल और समय की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें। समय पर पहुंचकर किसान इस अवसर का पूरा लाभ उठा सकते हैं।