Fake Paneer: कहीं सस्ते के चक्कर में नकली पनीर तो नहीं खरीद रहे आप?, मिलावटी पनीर से सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान, जानिए पहचान और बचाव के तरीके
बाज़ार से पनीर खरीदते समय अब केवल उसकी ताज़गी देखना ही काफ़ी नहीं है। हाल में देश के कई हिस्सों से मिलावटी पनीर पकड़े जाने के मामले सामने आए हैं, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी है। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ का है, जहाँ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए करीब दो क्विंटल संदिग्ध पनीर जब्त किया और उसके नमूने जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। संदिग्ध पनीर को बाद में नष्ट कर दिया गया।
पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन यदि इसमें मिलावट हो या यह अस्वच्छ तरीके से तैयार किया गया हो, तो यह सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। स्टेट डॉ. बृज किशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, (देवकाली, अयोध्या) की डॉ. सौम्या बताती हैं कि मिलावटी या दूषित पनीर का सेवन करने से फ़ूड पॉइज़निंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। ऐसे में पनीर खरीदते समय थोड़ी-सी सतर्कता और सही जानकारी कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।
मिलावटी या दूषित पनीर से क्या हो सकते हैं नुकसान?
डॉ. सौम्या के अनुसार, लंबे समय तक लगातार दूषित या मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। वह बताती हैं कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुज़ुर्गों और कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में ऐसे खाद्य पदार्थों का असर अधिक गंभीर हो सकता है। इसलिए इन वर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
घर पर कैसे करें मिलावटी पनीर की पहचान?
डॉ. सौम्या ने बताया कि पनीर की शुद्धता की अंतिम पुष्टि केवल प्रयोगशाला जाँच से ही हो सकती है, लेकिन घर पर कुछ आसान तरीकों से मिलावट की आशंका का शुरुआती अंदाज़ा लगाया जा सकता है। अगर पनीर में स्टार्च की मिलावट होने का संदेह हो, तो उसके छोटे टुकड़े को हल्के गुनगुने पानी में डालकर उस पर आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालें। यदि पनीर का रंग नीला या गहरा बैंगनी हो जाए, तो उसमें स्टार्च की मिलावट की आशंका हो सकती है।
पनीर की बनावट भी उसकी गुणवत्ता का संकेत दे सकती है। सामान्य तौर पर ताज़ा और शुद्ध पनीर मुलायम होता है तथा हल्का दबाने पर आसानी से टूट जाता है। यदि पनीर असामान्य रूप से सख्त, रबड़ जैसा महसूस हो या दबाने पर तुरंत अपनी पुरानी अवस्था में लौट आए, तो उसकी गुणवत्ता पर संदेह किया जा सकता है।
डॉ. सौम्या के अनुसार, पनीर खरीदते समय उसकी गंध और रंग पर भी ध्यान देना चाहिए। ताज़े पनीर में दूध जैसी हल्की प्राकृतिक खुशबू होती है, जबकि तेज़ रासायनिक गंध या बासीपन गुणवत्ता में कमी का संकेत हो सकता है। इसी तरह बहुत अधिक चमकदार या अस्वाभाविक रूप से एक समान सफेद रंग का पनीर खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
पनीर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. सौम्या सलाह देती हैं कि हमेशा विश्वसनीय दुकान या प्रमाणित ब्रांड से ही पनीर खरीदें। यदि पैक्ड पनीर खरीद रहे हैं तो निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस संबंधी जानकारी अवश्य देखें। बहुत कम कीमत पर बिक रहे पनीर को खरीदने से बचें। घर लाने के बाद पनीर को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न रखें और जल्द से जल्द रेफ़्रिजरेटर में सुरक्षित रख दें। यदि किसी पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो उसका सेवन करने से बचना ही बेहतर है।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
डॉ. सौम्या के अनुसार, यदि पनीर खाने के बाद उल्टी, दस्त, तेज़ पेट दर्द, बुखार, चक्कर, शरीर में पानी की कमी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषकर बच्चों, बुज़ुर्गों और गर्भवती महिलाओं में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के ख़िलाफ़ अभियान चलाता है, लेकिन सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने में उपभोक्ताओं की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विश्वसनीय स्रोत से खाद्य सामग्री खरीदना, संदिग्ध गुणवत्ता वाले उत्पादों से बचना और किसी भी तरह की मिलावट की आशंका होने पर संबंधित विभाग को सूचना देना हर उपभोक्ता की ज़िम्मेदारी है।
हापुड़ में हुई कार्रवाई इस बात का संकेत है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के ख़िलाफ़ निगरानी लगातार जारी है। डॉ. सौम्या कहती हैं कि भोजन हमारी सेहत की बुनियाद है, इसलिए थोड़ी-सी सावधानी और सही जानकारी अपनाकर मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से काफी हद तक बचा जा सकता है।