Bharat Taxi: ड्राइवर ही मालिक, शून्य कमीशन वाला नया Taxi प्लेटफॉर्म, अब राइड्स होंगी आसान और सुरक्षित
भारत टैक्सी-देश का पहला सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। इसमें ड्राइवर ही गाड़ी के मालिक हैं, जिससे उन्हें बड़े एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के शोषण से मुक्ति मिलती है। ये पहल ड्राइवरों को सम्मान और सुरक्षित कमाई का मौका देती है। अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर इससे जुड़ चुके हैं। कल से पूरे देश में चलेंगी भारत टैक्सी।
देश में टैक्सी सेवाओं को एक नया और अलग रास्ता दिखाने के लिए अब “भारत टैक्सी” आधिकारिक रूप से सबसे सामने आ रही है। यह देश का पहला सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जहां ड्राइवर सिर्फ़ गाड़ी चलाने वाले नहीं, बल्कि खुद इसके मालिक भी हैं। राइड-हेलिंग का मतलब है ऐसी टैक्सी सेवा, जिसमें ग्राहक अपने मोबाइल ऐप के ज़रिए अपनी ज़रूरत के अनुसार गाड़ी बुक करता है। यह आम टैक्सी सेवा जैसी ही होती है, लेकिन इसमें एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बीच में होता है, जो ड्राइवर और यात्री को आपस में जोड़ता है और पूरी राइड की व्यवस्था करता है।
इस पहल का शुरूआत 05 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। इसका मकसद ड्राइवरों को सम्मान, सुरक्षित कमाई और यात्रियों को भरोसेमंद टैक्सी सेवा देना है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें ड्राइवर ही मालिक हैं, जिससे उन्हें बड़े एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के शोषण से छुटकारा मिलेगा।
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“सारथी ही मालिक” आधारित होगी टैक्सी
“भारत टैक्सी” का सिद्धांत है “सारथी ही मालिक”। इसका मतलब है कि जो ड्राइवर गाड़ी चलाता है, वही इस प्लेटफॉर्म का असली मालिक भी है, जो ड्राइवरों को बड़े एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के शोषण से आज़ादी दिलाता है। अब तक 3 लाख से ज़्यादा ड्राइवर इससे जुड़ चुके हैं और रोज़ाना 10,000 से ज़्यादा राइड्स पूरी हो रही हैं। सहकारिता मंत्रालय, सहकारी संस्थाओं को मज़बूत करके रोज़गार बढ़ाने और लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। “भारत टैक्सी” को मोबिलिटी सेक्टर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ड्राइवरों को ही सिस्टम के केंद्र में रखा गया है।
ड्राईवरों को मिलेगा 5 लाख तक का दुर्घटना बीमा
कार्यक्रम के दौरान, सहकारिता आधारित मोबिलिटी में बेहतरीन काम करने वाले 6 शीर्ष सारथियों को शेयर सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा। जो यह साबित करेगा कि ड्राइवर ही असली मालिक हैं। इन सारथियों को ₹5 लाख का दुर्घटना बीमा और ₹5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा भी मिलेगा। इस मौके पर “भारत टैक्सी” की सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सरकारी और निजी संस्थाओं के साथ 9 समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे डिजिटल सुविधा, सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता और मज़बूत होगी।
तीन लाख से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़े
“भारत टैक्सी” को बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है। इसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। शुरुआत के बाद से ही “भारत टैक्सी” दुनिया का सबसे बड़ा सहकारिता आधारित और ड्राइवर-मालिकाना राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है। अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, एक लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं, और दिल्ली-एनसीआर तथा गुजरात में प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं। लगभग ₹10 करोड़ की राशि अब तक सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है।
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अलग-अलग कंपनियों के लिए काम कर सकता है ड्राइवर
यह प्लेटफॉर्म शून्य कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग के काम करता है, जिसका अर्थ है कि ड्राइवरों की कमाई पर कोई कटौती नहीं होती। यह विदेशी कंपनियों के टैक्सी ऐप्स का एक स्वदेशी विकल्प है। ड्राइवर चाहें तो बिना किसी रोक-टोक के दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी काम कर सकते हैं। इसके साथ ही देश में पहले से महिला सशक्तिकरण के लिए ‘बाइक दीदी’ जैसी पहल भी चलाई जा रही है, जिसके तहत अब तक 150 से ज़्यादा महिलाएं ड्राइवर भारत टैक्सी के साथ जुड़ चुकी हैं।
पूरे देश में चलेंगी अब “भारत टैक्सी”
आने वाले दो सालों में “भारत टैक्सी” का लक्ष्य देश के हर राज्य और शहर तक पहुंचना है। हर राज्य में ड्राइवर सहायता केंद्र खोले जाएंगे और डिजिटल सिस्टम से जुड़कर एक मज़बूत, सुरक्षित और सबको साथ लेकर चलने वाला मोबिलिटी मॉडल तैयार किया जाएगा। इस लॉन्च कार्यक्रम में देशभर से 1,200 से ज़्यादा सारथियों के शामिल होने की उम्मीद है, जो इस सहकारिता मॉडल पर ड्राइवरों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।