Kisan Credit Card: किसान क्रेडिट कार्ड में होगा बदलाव, 6 साल तक बढ़ सकती है कार्ड लिमिट
किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को लेकर कुछ नए प्रस्ताव रखे हैं। अब KCC कार्ड की वैधता को बढ़ाकर 6 साल तक किया जा सकता है। RBI ने यह भी सुझाव दिया है कि लोन की राशि खेती की लागत के हिसाब से तय हो और इसमें आधुनिक मशीनरी व तकनीकी खर्चों को भी शामिल किया जाए। मौजूदा 7% ब्याज दर और समय पर भुगतान पर मिलने वाली छूट जारी रहेगी। सरकार ने KCC लोन की सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने का लक्ष्य भी रखा है।
KCC कार्ड की वैधता में बढ़ोतरी
RBI के प्रस्तावों में सबसे खास बात यह है कि अब किसान क्रेडिट कार्ड की कुल वैधता 6 साल तक की जा सकती है। वे एक ही कार्ड से लंबे समय तक लोन ले सकेंगे। इससे किसानों को अपनी खेती की योजनाओं में निवेश करने और उत्पादन की लागत को आसानी से संभालने में मदद मिलेगी।
लोन की राशि और तकनीकी खर्चों को शामिल करने का प्रस्ताव
RBI ने यह भी सुझाव दिया है कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाली लोन की राशि को खेती में आने वाले असली खर्चों के अनुपात में तय किया जाए। इसे 'Scale of Finance' कहा जाता है। इसके अलावा, किसान अब खेती में इस्तेमाल होने वाली नई मशीनों और तकनीकी उपकरणों को खरीदने के लिए भी लोन ले सकेंगे। इससे खेती में नई तकनीकों को अपनाने में आसानी होगी।
सरकारी ब्याज सब्सिडी योजना जारी रहेगी
RBI ने साफ किया है कि किसानों को Modified Interest Subvention Scheme (MISS) के तहत 7% की ब्याज दर पर लोन मिलता रहेगा। साथ ही, अगर किसान समय पर लोन चुकाते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त छूट भी मिलती रहेगी। केंद्र सरकार ने KCC लोन की सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने का बड़ा लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को और भी ज्यादा आर्थिक मदद मिल सकेगी।
किसानों के लिए क्या फायदे होंगे?
लंबे समय तक कार्ड की वैधता से किसानों को अपनी फसल के चक्र के हिसाब से लोन का इस्तेमाल करने में आसानी होगी। साथ ही, मशीनरी खरीदने और नई तकनीक अपनाने में मदद मिलने से उत्पादन भी बढ़ेगा।
किसानों की प्रतिक्रिया और आगे क्या उम्मीद है?
किसानों और कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इन बदलावों से KCC कार्ड और भी ज्यादा उपयोगी हो जाएगा। बैंकिंग सुविधाओं में लगातार सुधार होने से किसान सामाजिक और आर्थिक रूप से और मजबूत होंगे। फिलहाल, RBI की ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी होने के बाद बैंक इन बदलावों को लागू करेंगे।