किसानों के लिए राहत: रबी सीजन में DAP की कीमत 1350 रुपये फिक्स, नहीं बढ़ेगी कीमत
रबी सीजन में खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) की कीमत नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने डीएपी का अधिकतम खुदरा मूल्य 1350 रुपये प्रति 50 किलो बैग पर ही बनाए रखा है, ताकि किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। यह जानकारी रसायन और उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री Anupriya Patel ने राज्यसभा में दी। उन्होंने बताया कि सरकार की कोशिश है कि किसानों को खेती के लिए जरूरी उर्वरक सस्ती दरों पर आसानी से मिलते रहें।
सरकार दे रही अतिरिक्त सब्सिडी
डीएपी की कीमत स्थिर रखने के लिए सरकार ने प्रति मीट्रिक टन करीब 3500 रुपये का विशेष प्रावधान किया है। इसमें फैक्ट्री से खेत तक माल ढुलाई, जीएसटी और उर्वरक कंपनियों के लिए 4 प्रतिशत की उचित आय जैसी लागतें भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम से वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ने का असर किसानों पर नहीं पड़ेगा।
देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार
- सरकार के मुताबिक देश में अभी फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। 5 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार:
- डीएपी की जरूरत 51.38 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि उपलब्धता 71.89 लाख मीट्रिक टन है।
- एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) की जरूरत 14.18 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 18.17 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।
- एनपीकेएस उर्वरक की उपलब्धता 108.39 लाख मीट्रिक टन है, जो जरूरत से काफी ज्यादा है।
सरकार उर्वरकों की सप्लाई पर नजर रखने के लिए इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) नाम के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही है। इसके जरिए पूरे देश में उर्वरकों की आवाजाही और भंडार की निगरानी की जाती है।
संतुलित खाद इस्तेमाल को बढ़ावा
सरकार ने पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) नीति के तहत कुछ नए उर्वरक ग्रेड भी शामिल किए हैं, जैसे NPK 10:26:26 और NPK 12:32:16। इस नीति का मकसद यह है कि किसान अपनी फसल और मिट्टी की जरूरत के हिसाब से सही पोषक तत्वों वाली खाद चुन सकें और सिर्फ यूरिया पर निर्भरता कम हो। इससे मिट्टी की सेहत भी बेहतर बनी रहेगी।
इन उर्वरकों की औसत कीमत
सरकार के अनुसार इस समय 50 किलो बैग की औसत कीमत इस प्रकार है:
- NPK 10-26-26: लगभग 1815 रुपये
- NPK 12-32-16: लगभग 1712 रुपये
- MOP (पोटाश): लगभग 1710 रुपये
सरकार का कहना है कि उर्वरकों की कीमत स्थिर रखने और पर्याप्त भंडार बनाए रखने से रबी सीजन में किसानों को खेती करने में आसानी होगी और समय पर खाद मिलती रहेगी।