फसल नुकसान पर बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, इन 13 जिलों के किसानों को मिलेगा मुआवजा, ऐसे करें आवेदन
बिहार में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। मार्च 2026 के तीसरे-चौथे सप्ताह में आए आंधी-तूफान, असामयिक बारिश और ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें अब कृषि इनपुट सब्सिडी (अनुदान) 2026 योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें तुरंत राहत मिल सके।
आवेदन करने की अंतिम तिथि
राज्य सरकार के अनुसार, 13 जिलों के 88 प्रखंडों की 1484 पंचायतों में फसल नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है। इन प्रभावित क्षेत्रों के किसान ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 मई 2026 निर्धारित की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जिनकी फसल का नुकसान हुआ है और जो संबंधित पंचायतों में आते हैं।
किन 13 जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा
जिन 13 जिलों में यह योजना लागू है, उनमें सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर शामिल हैं।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
- पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत दोनों किसान पात्र
- योजना का लाभ केवल किसान/किसान परिवार (पति-पत्नी और अवयस्क बच्चे) को मिलेगा
- आवेदन के समय परिवार का विवरण और आधार सत्यापन अनिवार्य
- गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द किया जाएगा
रैयत किसानों के लिए अद्यतन या वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 का एलपीसी/लगान रसीद देना जरूरी होगा, जबकि गैर-रैयत किसानों को जनप्रतिनिधि (वार्ड सदस्य/मुखिया/सरपंच) और कृषि समन्वयक द्वारा प्रमाणित स्वघोषणा पत्र देना होगा।
कितनी मिलेगी सब्सिडी
प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के आधार पर किसानों को इस तरह अनुदान दिया जाएगा:
- असिंचित (वर्षा आधारित) फसल क्षेत्र: ₹8500 प्रति हेक्टेयर
- सिंचित क्षेत्र: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
- शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित): ₹22,500 प्रति हेक्टेयर
- अधिकतम सीमा: 2 हेक्टेयर तक ही अनुदान देय
न्यूनतम सहायता राशि:
- असिंचित क्षेत्र: ₹1000
- सिंचित क्षेत्र: ₹2000
- बहुवर्षीय फसल: ₹2500
कैसे करना होगा आवेदन
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। किसान कृषि विभाग, बिहार सरकार की वेबसाइट state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.html या dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 13 अंकों की पंजीकरण संख्या आवश्यक होगी। प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों की सूची डीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध है।
अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं या संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।