Bihar Vidyarthi Sahayog Portal: शिकायत करें बेझिझक, पहचान रहेगी गोपनीय, 11वें दिन नोटिस और 30 दिन में समाधान
बिहार में पढ़ाई या छात्रावास से जुड़ी परेशानी होने पर अब विद्यार्थियों को अपनी शिकायत लेकर सरकारी दफ़्तरों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी। राज्य सरकार ने छात्रों की समस्याओं और सुझावों को सीधे व्यवस्था तक पहुँचाने के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया है। इसके ज़रिए विद्यार्थी घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसे तय समय-सीमा में आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
इस नई व्यवस्था की सबसे ख़ास बात शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई की निगरानी है। सरकार के मुताबिक़, शिकायत दर्ज होने के बाद 10 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं होती है तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वतः नोटिस जारी होगा। वहीं, हर शिकायत का अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, शिकायत करने वाले छात्र की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था भी की गई है।
पढ़ाई से हॉस्टल तक की परेशानी पोर्टल पर बताएँ
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का इस्तेमाल छात्र अपनी शैक्षणिक, छात्रावास और दूसरी संबंधित समस्याओं को दर्ज कराने के लिए कर सकते हैं। शिकायत या सुझाव ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा निःशुल्क होगी। छात्र किसी भी समय पोर्टल पर अपनी बात रख सकेंगे, जिससे उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए संस्थान या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने छात्रों की पहचान को गोपनीय रखने पर भी ज़ोर दिया है। इसका मक़सद विद्यार्थियों को बिना झिझक अपनी समस्या बताने का अवसर देना है। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाएगी और उसके निपटारे के बाद आवेदक को लिखित सूचना देने की व्यवस्था भी बताई गई है।
10 दिन में कार्रवाई नहीं तो 11वें दिन सिस्टम होगा सक्रिय
पोर्टल में शिकायतों को समय पर निपटाने के लिए जवाबदेही तय करने की व्यवस्था की गई है। अगर किसी शिकायत पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं होती, तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्वतः नोटिस जारी होगा। इसके बाद संबंधित मामले पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का दावा है कि शिकायत दर्ज होने की तारीख़ से अधिकतम 30 दिनों के भीतर उसका निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे छात्रों को अपनी शिकायत के लंबे समय तक लंबित रहने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
हर महीने चौथे मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर
ऑनलाइन पोर्टल के साथ विद्यार्थियों को आमने-सामने अपनी बात रखने का विकल्प भी दिया गया है। इसके लिए हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएँगे। इन शिविरों में छात्र अपनी समस्याएँ और सुझाव सीधे सामने रख सकेंगे। पोर्टल और शिविर से जुड़ी जानकारी के लिए टोल-फ़्री हेल्पलाइन नंबर 1100 भी उपलब्ध कराया गया है। इससे उन विद्यार्थियों को मदद मिल सकेगी जिन्हें शिकायत दर्ज करने या प्रक्रिया समझने में सहायता चाहिए।
25 अगस्त से स्कूलों और छात्रावासों में शुरू होगा अभियान
25 अगस्त से बिहार के स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान शुरू किया जाएगा। इसके ज़रिए छात्रों को इस नई व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी और उन्हें अपनी समस्याएँ दर्ज कराने के तरीक़े के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा, प्रदेश में 551 स्थानों पर आधुनिक मॉडल स्कूलों के साथ विद्यार्थियों के लिए मोबाइल और लैपटॉप के ज़रिए घर से देर रात तक लाइव शिक्षक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का मक़सद छात्रों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुँचाना और उनके समाधान के लिए समय-सीमा तय करना है। अब इसकी असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दर्ज शिकायतों पर तय समय में कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है। अगर व्यवस्था ज़मीन पर भी इसी तरह काम करती है, तो छात्रों के लिए अपनी बात सरकार तक पहुँचाना पहले के मुक़ाबले काफ़ी आसान हो सकता है।