बिहार में गन्ना किसानों के लिए बीज विकास योजना का पोर्टल शुरू, 22 अगस्त तक करें आवेदन, ₹310 प्रति क्विंटल तक मिलेगा अनुदान
बिहार सरकार ने राज्य में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गन्ना बीज विकास योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। अब राज्य के इच्छुक किसान 22 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के तहत संचालित इस योजना में किसानों को प्रमाणित और सत्यापित गन्ना बीज अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि खेती की लागत कम हो और उत्पादन क्षमता में सुधार हो सके।
राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर गुणवत्ता वाले बीज और आर्थिक सहायता मिलने से गन्ने की खेती का रकबा बढ़ेगा। इसके साथ ही प्रदेश में प्रस्तावित नई चीनी मिलों और दोबारा शुरू की जा रही पुरानी मिलों के लिए पर्याप्त गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों से समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।
22 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन, मिलेगा प्रमाणित गन्ना बीज
गन्ना उद्योग विभाग की ओर से शुरू किए गए पोर्टल पर किसान 22 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत किसानों को सिंगल बड प्लांटलेट के लिए प्रमाणित और सत्यापित गन्ना बीज उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग का उद्देश्य किसानों तक बेहतर गुणवत्ता का बीज पहुँचाकर गन्ने की उत्पादकता बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।
अलग-अलग वर्गों के किसानों को मिलेगा अनुदान
योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को गन्ना बीज खरीदने पर ₹260 प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को ₹310 प्रति क्विंटल का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा आधार बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अधिकतम ₹70,000 प्रति हेक्टेयर तक की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना उद्योग विभाग का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हो सके।
गन्ना उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का ज़ोर
राज्य सरकार प्रदेश में गन्ने का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में नई चीनी मिलें स्थापित करने और बंद पड़ी मिलों को दोबारा चालू करने की योजना पर भी काम चल रहा है। सरकार का मानना है कि गन्ने का रकबा बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और चीनी उद्योग को भी पर्याप्त कच्चा माल मिल सकेगा।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, चालू खरीफ़ सीज़न में 0.136 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती का लक्ष्य रखा गया है। अब तक लगभग 0.122 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 89.47 प्रतिशत है। वहीं, बिहार में कुल कृषि योग्य भूमि लगभग 53.95 लाख हेक्टेयर है, जिसमें औसतन करीब तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की जाती है।