बिहार के मखाने को मिला कनाडा का बाज़ार, पहली बार समुद्र के रास्ते भेजी गई 7 टन खेप, किसानों की आय 50% से ज़्यादा बढ़ी

Umang | Jul 31, 2026, 11:48 IST
बिहार के दरभंगा से पहली बार 7 मीट्रिक टन वैल्यू-एडेड फ्लेवर वाला मखाना समुद्री मार्ग से कनाडा भेजा गया है। एपीडा का कहना है कि इस निर्यात से किसानों की आय में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हुई है और बिहार के कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान को भी मज़बूती मिलेगी।

बिहार के प्रसिद्ध मखाने ने वैश्विक बाज़ार में एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मदद से बिहार के दरभंगा से कनाडा के लिए पहली बार वैल्यू-एडेड फ्लेवर वाले मखाने की समुद्री खेप रवाना की गई है। यह निर्यात बिहार के प्रीमियम कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचाने और राज्य के मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



दो कंटेनरों में पैक 7 मीट्रिक टन फ्लेवर वाले मखाने की यह खेप मुंद्रा बंदरगाह के रास्ते कनाडा स्थित जेडकेवी फूड्स को भेजी गई। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह निर्यात बिहार के कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान को मज़बूत करने के साथ-साथ राज्य के वैल्यू-एडेड कृषि निर्यात के दायरे का विस्तार करेगा। वहीं, इस बीच कर्नाटक से पहली बार नीलम और तोतापुरी आम की हवाई खेप भी मालदीव भेजी गई है।



पहली समुद्री खेप में 7 टन फ्लेवर वाला मखाना कनाडा रवाना

एपीडा ने 29 जुलाई 2026 को बिहार के दरभंगा से कनाडा के लिए वैल्यू-एडेड फ्लेवर वाले मखाने की पहली समुद्री खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दो कंटेनरों में पैक 7 मीट्रिक टन मखाना मुंद्रा बंदरगाह के माध्यम से कनाडा की जेडकेवी फूड्स को भेजा गया। फ्लेवर वाले मखाने की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग न्यूट्रीविन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड ने अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप की। एपीडा ने कहा कि यह बिहार की खाद्य प्रसंस्करण, वैल्यू-एडिशन और निर्यात आधारित विनिर्माण क्षमता को भी दर्शाता है।




किसानों की आय में 50% से अधिक बढ़ोतरी का दावा

एपीडा के अनुसार, वैल्यू-एडेड फ्लेवर वाले मखाने के निर्यात से इससे जुड़े मखाना किसानों को वैल्यू-एडिशन और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से 50 प्रतिशत से अधिक लाभ प्राप्त करने में मदद मिली है। प्राधिकरण का कहना है कि यह प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात-उन्मुख मूल्यवर्धन के ज़रिये भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने तथा किसानों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की क्षमता को भी दर्शाता है।



बिहार के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने पर एपीडा का ज़ोर

ध्वएपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि ऐसी पहलें बिहार के कृषि-निर्यात तंत्र को मज़बूत कर रही हैं, वैल्यू-एडेड कृषि उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं और राज्य की विशिष्ट उपज के लिए वैश्विक बाज़ार तक पहुँच का विस्तार कर रही हैं।



मखाना, जिसे फॉक्स नट्स के नाम से भी जाना जाता है। यह बिहार के प्रमुख कृषि उत्पादों में शामिल है और भारत के कुल उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। एपीडा के अनुसार, पौष्टिक गुणों और उच्च गुणवत्ता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। प्राधिकरण ने कहा कि फ्लेवर वाले मखाने के निर्यात से निर्यात के अवसरों में विविधता आएगी और इस उत्पाद की वैश्विक पहचान भी मज़बूत होगी। एपीडा ने यह भी कहा कि वह क्षमता निर्माण, निर्यात अवसंरचना, गुणवत्ता अनुपालन, बाज़ार संपर्क और वैल्यू-एडिशन के माध्यम से बिहार को अग्रणी कृषि-निर्यात केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकारों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निर्यातकों, प्रसंस्करणकर्ताओं और अन्य हितधारकों के साथ लगातार काम कर रहा है।

Tags:
  • Bihar Makhana
  • Fox Nuts
  • APEDA
  • Canada Export
  • Value Added Makhana
  • Darbhanga
  • Mundra Port
  • Agri Export
  • NutriVin Agro
  • ZKV Foods