Export Oriented Agriculture Clusters In India: कृषि निर्यात बढ़ाने की बड़ी तैयारी, देश के इन राज्यों में बनेंगे 8 एक्सपोर्ट क्लस्टर
शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि सरकार देश में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 8 निर्यात-उन्मुख कृषि क्लस्टर विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना, बेहतर दाम दिलाना और भारत को कृषि निर्यात के क्षेत्र में मजबूत बनाना है। मंत्री ने कहा कि सरकार अब केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं बल्कि प्रोसेसिंग, स्टोरेज और एक्सपोर्ट नेटवर्क मजबूत करने पर भी काम कर रही है।
किन राज्यों की कौन सी फसल होगी एक्सपोर्ट हब?
सरकार की इस योजना के तहत नासिक को अंगूर, तेलंगाना को आम, मेघालय को हल्दी, जम्मू-कश्मीर को सेब, महाराष्ट्र को टमाटर, आंध्र प्रदेश को मिर्च और गुजरात को आलू उत्पादन के लिए विशेष क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन क्लस्टरों में किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर लॉजिस्टिक्स, प्रोसेसिंग यूनिट और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
फलों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर ICAR की रिसर्च
ICAR की विशेष टीमें फलों को जल्दी खराब होने से बचाने के लिए लगातार रिसर्च कर रही हैं। कृषि मंत्री ने बताया कि आम की शेल्फ लाइफ 25 से 30 दिन तक बढ़ाने में सफलता मिली है। अब लीची समेत अन्य फलों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और बेहतर भंडारण क्षमता विकसित करने पर तेजी से काम किया जा रहा है।
अनार, केला और लीची पर भी बड़ी सफलता
सरकार के मुताबिक अनार की शेल्फ लाइफ 45 से 50 दिन, केले की 30 से 45 दिन और लीची की 10 से 12 दिन तक बढ़ाने में सफलता मिली है। वहीं आम की शेल्फ लाइफ को 40 से 45 दिन तक बढ़ाने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय फल लंबी दूरी तय कर दुनिया के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे और किसानों को निर्यात से ज्यादा मुनाफा मिलेगा।