BRICS कृषि मंत्रियों की इंदौर में बैठक शुरू, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों के भविष्य पर मंथन

Gaon Connection | Jun 12, 2026, 16:00 IST
भारत की अध्यक्षता में इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। बैठक में खाद्य सुरक्षा, छोटे और सीमांत किसानों के कल्याण, कृषि में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हो रही है। बैठक के समापन पर 'इंदौर घोषणा-पत्र' जारी किए जाने की संभावना है।

दुनिया की बढ़ती आबादी, जलवायु परिवर्तन और कृषि क्षेत्र के सामने खड़ी नई चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों ने खाद्य सुरक्षा और किसानों के भविष्य को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। भारत की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार से ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई जिसमें छोटे किसानों का कल्याण, कृषि में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। बैठक को वैश्विक कृषि सहयोग और टिकाऊ खाद्य व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



'खाद्य सुरक्षा का भविष्य' विषय पर मंत्रिस्तरीय संवाद

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'छोटे किसान, महिलाएं और युवा: खाद्य सुरक्षा का भविष्य' विषय पर आयोजित मंत्रिस्तरीय संवाद का नेतृत्व किया। अधिकारियों के अनुसार बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच कृषि सहयोग को मजबूत करना और कृषि क्षेत्र से जुड़ी साझा चुनौतियों के समाधान तलाशना है।



भारत की अध्यक्षता में कई अहम नतीजों की उम्मीद

बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता मिलने पर गर्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शनिवार को बैठक के समापन पर जारी होने वाले संयुक्त घोषणा-पत्र में भारत की अध्यक्षता के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आएंगी।



महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर विशेष फोकस

चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना बैठक का एक प्रमुख विषय है। उन्होंने कहा कि भारत सहित कई देशों में महिलाएं लंबे समय से खेती-किसानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं और उनकी भागीदारी को और मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना भी समय की जरूरत है। नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर युवा कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक और लाभकारी बना सकते हैं। इससे खाद्य उत्पादन बढ़ेगा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।



छोटे किसानों की चुनौतियों पर होगी चर्चा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे किसानों से जुड़े मुद्दे बैठक के केंद्र में रहेंगे। उन्होंने बताया कि भारत में 86 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत किसान हैं, जबकि ब्रिक्स देशों में लगभग 70 प्रतिशत किसानों के पास दो हेक्टेयर से कम भूमि है। ऐसे किसानों को संसाधनों, तकनीक और बाजार तक पहुंच जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बैठक में उनके सशक्तिकरण और जीवन स्तर सुधारने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।



इंदौर घोषणा-पत्र पर रहेगी नजर

मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले ब्रिक्स कृषि कार्य समूह के अधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक गुरुवार को संपन्न हुई थी। अधिकारियों के अनुसार पांच दिनों तक चले विचार-विमर्श का समापन शनिवार को 'इंदौर घोषणा-पत्र' को अपनाने के साथ होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह घोषणा-पत्र कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और किसानों के हितों को लेकर सदस्य देशों की साझा रणनीति को सामने रखेगा।



11 देशों का समूह है ब्रिक्स

ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और कृषि से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।

Tags:
  • BRICS
  • BRICS Agriculture Meeting
  • Indore
  • Food Security
  • Small Farmers
  • Shivraj Singh Chouhan
  • Women in Agriculture
  • Youth in Agriculture
  • Indore Declaration
  • Agricultural Cooperation