Aaroh 2026: ब्रेस्ट कैंसर से जंग जीतने वाली 300 से अधिक महिलाएं एक साथ मंच पर जुटी, बांटी हिम्मत और उम्मीद की कहानियाँ
डर, दर्द और अनिश्चितताओं से भरे कैंसर के सफर के बाद जब कोई मरीज फिर से मुस्कुराना सीखता है, तो वह सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि नई जिंदगी की शुरुआत होती है। केजीएमयू में आयोजित “आरोह 2026” कार्यक्रम में स्तन कैंसर से जंग जीत चुकी महिलाओं ने अपनी कहानियों, आत्मविश्वास और हौसले के जरिए यही संदेश दिया कि उम्मीद हमेशा जिंदा रहती है।
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में मंगलवार को आयोजित “आरोह 2026” सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिम्मत, उम्मीद और नई जिंदगी का भावनात्मक उत्सव बन गया। लखनऊ ब्रेस्ट कैंसर सपोर्ट ग्रुप और एंडोक्राइन सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से आईं 312 से अधिक ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर्स ने अपने परिवारों के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम की थीम थी “Inspiring Life Beyond Cancer” यानी कैंसर के बाद भी जिंदगी को पूरे आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ जीने का संदेश।
ब्रेस्ट कैंसर के प्रति हो जागरूकता
कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना नहीं था, बल्कि लोगों के मन में इस बीमारी को लेकर मौजूद डर और सामाजिक झिझक को भी खत्म करना था। मंच पर मौजूद हर महिला की कहानी संघर्ष, दर्द और फिर उससे बाहर निकलकर सामान्य जिंदगी की ओर लौटने की कहानी थी। माहौल कई बार भावुक हुआ, लेकिन हर कहानी में उम्मीद साफ दिखाई दी।
"कैंसर का इलाज अब पहले की तुलना में ज्यादा सुलभ"
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि KGMU की कुलपति Prof. Sonia Nityanand रहीं। उन्होंने कैंसर सपोर्ट ग्रुप्स की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सही जानकारी, मानसिक सहयोग और सरकारी योजनाओं की मदद से कैंसर का इलाज अब पहले की तुलना में ज्यादा सुलभ हो चुका है। उन्होंने लोगों से यह संदेश समाज तक पहुँचाने की अपील की कि आर्थिक स्थिति इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए।
सरकारी संस्थानों में विश्वस्तरीय और किफायती इलाज उपलब्ध
विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं विधान परिषद सदस्य Dr. Pragya Tripathi ने कहा कि कैंसर के इलाज के दौरान परिवार का साथ मरीज के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। वहीं लखनऊ ब्रेस्ट कैंसर सपोर्ट ग्रुप के संयोजक Prof. Anand Kumar Mishra ने कहा कि KGMU जैसे सरकारी संस्थानों में विश्वस्तरीय और किफायती इलाज उपलब्ध है और सिर्फ बड़े शहरों में महंगा इलाज कराने की धारणा बदलने की जरूरत है।
ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर्स ने किया फैशन वॉक
कार्यक्रम की सबसे भावुक और प्रेरणादायक झलक तब देखने को मिली जब ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर्स ने फैशन वॉक किया। मंच पर आत्मविश्वास के साथ चलती महिलाओं ने यह दिखाया कि कैंसर किसी इंसान की पहचान नहीं बन सकता। उनके चेहरे की मुस्कान और आत्मविश्वास ने पूरे सभागार को तालियों से गूंजा दिया। बॉलीवुड अभिनेत्री Padmini Kolhapure भी इस दौरान मंच पर मौजूद रहीं। उन्होंने अपने फिल्मों के गीत गाकर माहौल को भावनात्मक बना दिया।
कैंसर के बाद भी जिया जा सकता है सामान्य और सक्रिय जीवन
कार्यक्रम में हास्य कलाकार Annu Awasthi की प्रस्तुति ने लोगों को हंसने का मौका दिया, वहीं कथक कलाकार नेहा सिंह और अंजू मिश्रा की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में संवेदनात्मक रंग भर दिए। खास बात यह रही कि नेहा सिंह खुद भी ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर हैं और उनकी प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि कैंसर के बाद भी सामान्य और सक्रिय जीवन जिया जा सकता है।
संघर्ष और रिकवरी की कहानियाँ हुईं साझा
“होल्डिंग बैक टीयर्स” नाम के विशेष सत्र में कई सर्वाइवर्स और उनके परिवारों ने अपने संघर्ष और रिकवरी की कहानियाँ साझा कीं। किसी ने इलाज के दौरान टूटते आत्मविश्वास की बात कही तो किसी ने परिवार और डॉक्टरों के सहयोग को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। इस दौरान सभागार में मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
कैंसर जिंदगी का अंत नहीं
कार्यक्रम में KGMU के बीडीएस छात्रों द्वारा एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर की पहचान, इलाज और सही अस्पताल चुनने जैसी दुविधाओं को दिखाया गया। इस नाटक की परिकल्पना प्रो. आनंद मिश्रा ने की थी, जबकि इसे बॉलीवुड से जुड़े कलाकारों और निर्देशकों की मदद से तैयार किया गया। “आरोह 2026” ने यह साबित किया कि कैंसर जिंदगी का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत भी हो सकता है। यह कार्यक्रम उन महिलाओं की जीत का जश्न था जिन्होंने दर्द और डर को पीछे छोड़कर उम्मीद के साथ आगे बढ़ना चुना।