खरीफ़ किसानों के लिए अहम अपडेट, 1 जुलाई से शुरू होगा फसल बीमा माह, ये कागज़ात कर लें तैयार
खरीफ़ फसलों की बुआई का दौर देश के अधिकांश हिस्सों में तेज़ी पकड़ रहा है। ऐसे समय में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम से जुड़े जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 1 से 31 जुलाई तक देशभर में 'फसल बीमा माह' अभियान चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ना है, ताकि सूखा, बाढ़, अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि, कीट एवं रोग प्रकोप जैसी परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके।
मौसम की अनिश्चितता के बीच इस बार खरीफ़ सीज़न की शुरुआत भी कई राज्यों में मानसून की देरी से प्रभावित हुई है। ऐसे में फसल बीमा का महत्व और बढ़ गया है। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ़ इंडिया (AIC) ने किसानों से अपील की है कि वे जुलाई के दौरान अपनी फसलों का बीमा कराकर खेती को जोखिम से सुरक्षित करें। अभियान के दौरान किसानों को योजना की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया आसान बनाने और अधिक से अधिक पंजीकरण कराने पर ज़ोर रहेगा।
कम प्रीमियम में मिलेगा बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में किसानों को कम प्रीमियम पर व्यापक बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि, अनियमित वर्षा, कीट एवं रोग प्रकोप तथा अन्य प्राकृतिक कारणों से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है। फसल कटाई के बाद 14 दिनों तक प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान को भी योजना में शामिल किया गया है।
योजना के तहत खरीफ़ फसलों के लिए किसानों को केवल 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं। नुकसान होने पर किसान निर्धारित समय के भीतर सूचना देकर दावा कर सकते हैं। सत्यापन के बाद मुआवज़े की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों माध्यमों से कर सकेंगे आवेदन
फसल बीमा माह के दौरान किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), संबंधित बैंक या अधिकृत बीमा कंपनी के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज़, फसल का विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ देने होंगे।
सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़कर खरीफ़ सीज़न में फसल जोखिम को कम करना है। इसी उद्देश्य से पूरे जुलाई महीने में जागरूकता गतिविधियाँ चलाई जाएँगी और किसानों को समय पर फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।