IMD Weather Alert: उत्तर भारत में घना कोहरा, हिमालय में हो सकती है बारिश और बर्फबारी

Gaon Connection | Jan 19, 2026, 16:55 IST
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भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, वहीं पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे मैदानी इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहने का अलर्ट है।

<p>पश्चिमी विक्षोभ से कश्मीर में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में कोहरा का खतरा।<br></p>

देश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से आने वाले दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला तेज़ हो सकता है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में घना कोहरा जनजीवन और यातायात को प्रभावित करता रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि यह दौर खेती, यात्रा और दैनिक गतिविधियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।



IMD के मुताबिक अगले सप्ताह के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। खास तौर पर 22 और 23 जनवरी के आसपास ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी भी दर्ज की जा सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में तापमान और गिर सकता है तथा सड़कों पर फिसलन, यातायात अवरोध और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।



पश्चिमी विक्षोभ का असर केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 22 से 25 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और कोहरे की स्थिति और जटिल हो सकती है।



उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 2-3 दिनों तक सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा बने रहने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। हाल के दिनों में अमृतसर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ शहरों में दृश्यता शून्य के करीब दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।



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हालांकि शीतलहर की तीव्रता में कुछ कमी के संकेत हैं, लेकिन ठंड का असर अभी भी बना हुआ है। उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। कई मैदानी इलाकों में तापमान 4 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।



IMD के अनुसार 19 जनवरी से उत्तर-पूर्वी मानसून की गतिविधियां समाप्त हो गई हैं। इसके बाद दक्षिण-पूर्वी भारत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। इससे तमिलनाडु, पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से जारी बारिश के दौर को विराम मिलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसमी गतिविधियां बनी रह सकती हैं।



घने कोहरे और बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं। ठंडी और नम परिस्थितियों में सांस की बीमारियों, खांसी और एलर्जी की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है। साथ ही कम दृश्यता के कारण सड़क और हवाई यातायात में देरी और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।



मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। ठंड और कोहरे के कारण रबी फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी से बागवानी फसलों पर असर पड़ सकता है। किसानों को फसल सुरक्षा, जल प्रबंधन और स्थानीय मौसम सलाह के अनुसार खेती कार्यों की योजना बनाने की जरूरत है।



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