जानिए कौन हैं डॉ. मीनाक्षी सुंदरम जिन्होंने विकसित किया था उन्नत सांभा मंसूरी धान, अब बने NAARM के नए निदेशक

Gaon Connection | Jun 10, 2026, 11:26 IST
प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक और धान जैव-प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. रामन मीनाक्षी सुंदरम ने आईसीएआर-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM) के निदेशक का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले वह आईसीएआर-भारतीय धान अनुसंधान संस्थान (IIRR), हैदराबाद के निदेशक थे। 25 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले डॉ. सुंदरम ने उन्नत सांबा महासूरी (सांभा मंसूरी) धान किस्म के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत संचालित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM) को नया नेतृत्व मिल गया है। प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक और धान जैव-प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. रामन मीनाक्षी सुंदरम ने संस्थान के निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। कृषि अनुसंधान, नवाचार प्रबंधन और संस्थागत नेतृत्व के क्षेत्र में 25 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. सुंदरम को देश के प्रमुख धान वैज्ञानिकों में गिना जाता है। कृषि क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव और अनुसंधान उपलब्धियों को देखते हुए उनकी नियुक्ति को कृषि अनुसंधान प्रबंधन और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



आईआईआरआर में संभाली थी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

NAARM में नई जिम्मेदारी संभालने से पहले डॉ. सुंदरम हैदराबाद स्थित आईसीएआर-भारतीय धान अनुसंधान संस्थान (IIRR) के निदेशक के रूप में कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने धान अनुसंधान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और वैज्ञानिक पहलों का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में संस्थान ने धान उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और रोग प्रतिरोधी किस्मों के विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।



वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नवाचार के लिए पहचान

NAARM द्वारा जारी बयान के अनुसार, डॉ. सुंदरम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) प्रणाली में ढाई दशक से अधिक समय से विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके पास वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार नेतृत्व, संस्थागत सुधार और राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान समन्वय का व्यापक अनुभव है। उन्होंने कृषि अनुसंधान को नई दिशा देने और संस्थागत क्षमताओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।



उन्नत सांबा महासूरी के विकास में निभाई अहम भूमिका

डॉ. सुंदरम को विशेष रूप से लोकप्रिय धान किस्म उन्नत सांबा महासूरी या सांभा मंसूरी (Improved Samba Mahsuri) के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है। यह धान किस्म बेहतर गुणवत्ता, अधिक उत्पादन क्षमता और रोग प्रतिरोधक विशेषताओं के कारण किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस किस्म ने देश के कई धान उत्पादक क्षेत्रों में किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।



राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी के फेलो

डॉ. सुंदरम राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (NAAS) के फेलो भी हैं। कृषि जैव-प्रौद्योगिकी, धान अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल चुकी है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में अनुसंधान आधारित समाधान विकसित करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।



कृषि अनुसंधान प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. सुंदरम के नेतृत्व में NAARM कृषि अनुसंधान प्रबंधन, वैज्ञानिक नेतृत्व विकास, क्षमता निर्माण और नवाचार आधारित कृषि प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब कृषि क्षेत्र में तकनीक, नवाचार और जलवायु-अनुकूल समाधानों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।

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