UP Farmer ID Alert: किसान ध्यान दें, इस तारीख के बाद बिना फार्मर आईडी अटक सकते हैं काम, जानें नई तारीख

Gaon Connection | Apr 20, 2026, 12:38 IST
Image credit : Gaon Connection Network
उत्तर प्रदेश में एक जून से किसानों के लिए किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी अनिवार्य हो जाएगी। 31 मई तक सभी किसानों को यह आईडी बनवानी होगी। इसके बाद ही वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे। खाद की खरीद, फसल की बिक्री और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ इसी आईडी से मिलेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़ा रुकेगा।
फार्मर आईडी बनाने का अभियान जारी

Farmer ID Last Date 31 May: उत्तर प्रदेश सरकार एक जून से किसानों के लिए 'फार्मर आईडी' यानी किसान पहचान पत्र को अनिवार्य करने जा रही है। इसके लिए सभी किसानों को 31 मई तक अपनी आईडी बनवानी होगी। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कदम प्रदेश में पिछले करीब दो साल से चल रहे फार्मर रजिस्ट्री के काम का हिस्सा है, जिसके तहत किसानों की जमीन का पूरा ब्योरा एक पोर्टल पर डिजिटल रूप से दर्ज किया जा रहा है। इस आईडी के माध्यम से किसी भी किसान की भूमि और उससे जुड़ी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।



प्रक्रिया में तेजी, गाँव-गाँव लगेंगे शिविर

Image credit : Gaon Connection Network

अधिकारियों की ढिलाई के चलते अब तक लगभग दो करोड़ किसानों की ही आईडी बन पाई है। इस स्थिति को देखते हुए अब गांव-गांव में शिविर लगाकर प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 31 मई तक यह काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। एक जून से सभी किसान योजनाओं का लाभ केवल फार्मर आईडी के जरिए ही प्राप्त कर सकेंगे। खाद की खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बिक्री और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ इसी आईडी से जोड़ा जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगने की उम्मीद है।



यह भी पढ़ें- CM योगी का बड़ा फैसला, यूपी में अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी MSP पर गेहूं बेच सकेंगे किसान



जागरूकता अभियान जारी, घर-घर बन रही आईडी

फार्मर आईडी बनवाने का अभियान बहुत तेजी से चल रहा है। इसके लिए किसानों के घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनाई जा रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अन्नदाताओं को जागरूक करने के लिए किसान गोष्ठी, गाँवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, होर्डिंग, ग्राम पंचायत स्तर पर खुली चौपाल का आयोजन किया जा रहा है।



फार्मर आईडी से इन सरकारी योजनाओं का लाभ होगा आसान

फार्मर रजिस्ट्री लागू होने के बाद किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। किसान सम्मान निधि बिना रुकावट मिल सकेगी। उर्वरक तय कीमत पर सहज रूप से उपलब्ध होंगे। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में दस्तावेज वेरिफिकेशन की झंझट खत्म होगी।



डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी रफ्तार- नई योजनाओं में शामिल होने के लिए बार-बार कागजी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी। एग्रीस्टैक से जुड़ने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए MSP पर फसल बेचने की प्रक्रिया भी तेज और सरल हो जाएगी। फार्मर आईडी और खाद बंटवारे को लेकर केंद्र सरकार सख्त है। उत्तर प्रदेश में किसानों को 31 मार्च तक हर हाल में बनवाना होगा 'फार्मर ID' नहीं तो योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।



पारदर्शिता और बिचौलियों की भूमिका कम- यह प्रशासनिक बदलाव किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। फार्मर आईडी के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों की भूमिका कम होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचे।



जागरूकता के लिए कई माध्यमों का प्रयोग- सरकार ने इस प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया है। इसमें किसान गोष्ठियों का आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समावेश, होर्डिंग लगाना और ग्राम पंचायत स्तर पर खुली चौपालें शामिल हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को फार्मर आईडी के महत्व और उसे बनवाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना है।



चकबंदी वाले क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था- जिन क्षेत्रों में चकबंदी और सर्वे का कार्य चल रहा है, वहां के किसानों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी किसान को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े, इन क्षेत्रों में मौजूदा व्यवस्थाओं को जारी रखा जाएगा। साथ ही, ग्राम पंचायत की कुल भूमि के आधार पर लाभ वितरण की व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।



सुविधाओं में होगी वृद्धि- फार्मर आईडी के लाभों में किसान सम्मान निधि का निर्बाध प्रवाह, उर्वरकों की उचित मूल्य पर उपलब्धता और किसान क्रेडिट कार्ड के लिए सरलीकृत प्रक्रिया शामिल है। यह डिजिटल प्रणाली किसानों को सरकारी योजनाओं से जुड़ने में लगने वाले समय और प्रयास को कम करेगी।



MSP पर फसल बेचने में आसानी- एग्रीस्टैक से जुड़ाव के बाद, डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। यह किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में मददगार होगी।



केंद्र की नीतियों के अनुरूप कदम- यह कदम केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप है, जो कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। फार्मर आईडी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो किसानों को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने में मदद करेगा।



यह भी पढ़ें- यूपी में 82 लाख किसानों ने नहीं कराई फार्मर रजिस्ट्री, MSP से लेकर इन योजनाओं का नहीं मिलेगा फायदा!



बड़ा प्रशासनिक सुधार, किसानों के हित में

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में फार्मर आईडी का अनिवार्य होना एक बड़ा प्रशासनिक सुधार है जिसका उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक सुगमता और पारदर्शिता से पहुंचाना है। यह कदम कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Tags:
  • Farmer ID UP
  • यूपी फार्मर आईडी
  • farmer id last date 31 may
  • UP farmer registry
  • फार्मर आईडी अनिवार्य
  • UP farmers latest news
  • किसान आईडी कार्ड यूपी
  • farmer id mandatory in up
  • farmer registry deadline
  • uttar pradesh farmer id news