MP News: गुना में किसानों का फूटा गुस्सा, गेहूं खरीदी और खाद संकट को लेकर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम
Guna farmers protest: मध्य-प्रदेश के गुना में किसानों की मांगें पूरी नहीं होने पर गुरुवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। गेहूं खरीदी में देरी, खाद वितरण में अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ किसान सड़कों पर उतर आए और नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों के साथ हाईवे पर पहुंचे, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों पर उनकी गेहूं फसल समय पर नहीं खरीदी जा रही है। कई किसानों ने कहा कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उनकी उपज नहीं तौली जा रही, जबकि भुगतान में भी देरी हो रही है। इसके अलावा खाद वितरण केंद्रों पर भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है, जिससे खरीफ सीजन की तैयारी प्रभावित हो रही है।
क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें?
- गेहूं की समय पर सरकारी खरीदी
- खरीदी के बाद जल्द भुगतान
- खाद की पर्याप्त उपलब्धता
- मंडियों में अव्यवस्थाओं पर रोक
- किसानों के लिए पारदर्शी खरीद व्यवस्था
- प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
17 जिलों में भी असर की खबर
मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर विरोध लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर भी बड़े स्तर पर चक्काजाम का ऐलान किया गया था, जिसका असर राज्य के करीब 17 जिलों में देखने को मिला। कांग्रेस ने भी किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा है और कहा है कि यदि समस्याएं हल नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।
सरकार पहले भी दे चुकी है निर्देश
हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक गेहूं खरीदी केंद्र का दौरा कर अधिकारियों को किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए थे। सरकार का दावा है कि राज्य में अब तक लाखों टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान अब भी परेशान नजर आ रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाने की कोशिश की गई। देर शाम तक प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत जारी रही। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।